SLRM सेंटर में पार्टी का वीडियो वायरल, निगम अधिकारी को नोटिस

भिलाई। शहर के खुर्सीपार क्षेत्र स्थित सॉलिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (SLRM) सेंटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर निगम प्रशासन में हलचल मच गई है। वायरल वीडियो में जोन-4 के प्रभारी जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत कुमार मांझी और विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारी सेंटर परिसर में मौजूद नजर आ रहे हैं। वीडियो में पार्टी जैसी गतिविधियां और डांस के दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। कुछ दृश्यों को लेकर शराब सेवन की बात भी कही जा रही है।

मामला सामने आने के बाद नगर निगम आयुक्त सुरूचि सिंह ने हेमंत कुमार मांझी को स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगा है। संबंधित अधिकारी से निर्धारित समयसीमा में अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है।

कचरा प्रबंधन केंद्र में पार्टी का आरोप

SLRM सेंटरों का इस्तेमाल शहर से निकलने वाले ठोस कचरे को अलग करने, उपयोगी सामग्री की छंटाई और उसके उचित प्रबंधन के लिए किया जाता है। ऐसे स्थानों पर सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी नियमित रूप से काम करते हैं।

वायरल वीडियो में सेंटर परिसर के भीतर कई लोग बैठे दिखाई देते हैं। इसी दौरान पार्टी का माहौल नजर आता है। वीडियो के कुछ हिस्सों में हेमंत कुमार मांझी गमछा बांधकर ‘आई एम अ डिस्को डांसर’ गाने पर डांस करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दिखाई देने वाली अन्य गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वीडियो फैलने के बाद कार्रवाई

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद इसकी जानकारी नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा।

नोटिस में सेंटर परिसर में इस तरह की गतिविधियां आयोजित होने की परिस्थितियों और इसकी अनुमति से जुड़े बिंदुओं पर जवाब मांगे जाने की जानकारी सामने आई है। अब संबंधित अधिकारी के स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

नगर निगम प्रशासन की ओर से फिलहाल स्पष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन या अन्य आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं, वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे लोगों और गतिविधियों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।