रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में 10 साल बाद जागा निगम, 113 मकानों को नोटिस
ले-आउट स्वीकृत नहीं होने का हवाला देकर कार्रवाई, सड़क-बिजली की बदहाल व्यवस्था से दो हजार से ज्यादा रहवासी परेशान
रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में मकानों की वैधता को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। करीब 300 से अधिक मकानों वाली इस कॉलोनी में नगर निगम ने 113 मकान मालिकों को नोटिस जारी कर निर्माण की वैधता पर सवाल उठाए हैं। निगम की ओर से कहा गया है कि कॉलोनी का ले-आउट स्वीकृत नहीं है और यहां बने मकानों को अवैध निर्माण की श्रेणी में माना जा रहा है।
निगम की इस कार्रवाई के बाद कॉलोनी में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रहवासियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों पहले अपनी जमा पूंजी लगाकर मकान बनाए, लेकिन आज तक कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो सकीं। करीब एक दशक से सड़क निर्माण नहीं होने के कारण घरों तक पहुंचना मुश्किल है। वहीं बिजली के लिए भी स्थायी खंभों की व्यवस्था नहीं होने से बांस की बल्लियों के सहारे मीटर और तार लगाए गए हैं।
मकान बनते रहे, अब जारी हुए नोटिस
रहवासियों के मुताबिक कॉलोनी में पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार मकानों का निर्माण और लोगों का रहना जारी है। इस दौरान यहां आबादी बढ़कर दो हजार से अधिक हो चुकी है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि यदि कॉलोनी का ले-आउट स्वीकृत नहीं था तो निर्माण के शुरुआती दौर में ही इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
कॉलोनी निवासी कमितला गौतम और प्रियेश ठाकुर ने बताया कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सड़क नहीं, बिजली व्यवस्था भी अस्थायी
कॉलोनी में बिजली कनेक्शन का मामला भी रहवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बताया गया कि रजिस्ट्री की प्रतियों के आधार पर मकानों में बिजली मीटर लगाए गए थे। बाद में जब बिजली के स्थायी खंभे लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई तो कॉलोनी की स्थिति को लेकर सवाल सामने आया।
इसके बाद स्थायी खंभों के बजाय बांस की बल्लियों का इस्तेमाल कर बिजली व्यवस्था तैयार की गई। एक ही स्थान पर कई घरों के मीटर और तारों का गुच्छा लगा हुआ है। इससे व्यवस्था न केवल अव्यवस्थित नजर आती है, बल्कि रहवासियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
पुराने मीटर हटे, स्मार्ट मीटर भी लगे
खास बात यह है कि कॉलोनी में पुराने बिजली मीटरों को हटाकर नए स्मार्ट मीटर भी लगाए जा चुके हैं। इससे रहवासी सवाल उठा रहे हैं कि जब कॉलोनी की वैधता और ले-आउट को लेकर निगम अब आपत्ति जता रहा है, तब बिजली कनेक्शन और मीटर से जुड़ी प्रक्रियाएं किस आधार पर आगे बढ़ती रहीं।
अब 113 मकानों को जारी नोटिस के बाद कॉलोनी में रहने वाले लोगों की नजर निगम की आगामी कार्रवाई पर है। रहवासी चाहते हैं कि पहले कॉलोनी की स्थिति स्पष्ट की जाए और सड़क, बिजली सहित जरूरी सुविधाओं का स्थायी समाधान निकाला जाए।
चाहें तो मैं इसे और ज्यादा आक्रामक/खोजी अखबार शैली में भी बना सकता हूं, जिसमें हेडलाइन और ज्यादा असरदार होगी।
