रायपुर जोनल DGGI की बड़ी कार्रवाई: 16 करोड़ का फर्जी ITC रैकेट ध्वस्त, मुख्य मास्टरमाइंड गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से दबोचा गया मुख्य संचालक अभिषेक पाठक, कोर्ट ने भेजा जेल

फर्जी फर्में बनाकर सरकार को लगाया जा रहा था करोड़ों का चूना, DGGI ने दी दबिश

जीएसटी चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रैकेट के खिलाफ रायपुर टीम की बड़ी कामयाबी


रायपुर (UPI24 News)। माल एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (DGGI) की रायपुर जोनल यूनिट ने कर चोरी करने वालों के खिलाफ एक और बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने 16 करोड़ रुपये के एक बड़े फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले का पर्दाफाश करते हुए पूरे रैकेट को ध्वस्त कर दिया है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले के मुख्य संचालक और मास्टरमाइंड अभिषेक पाठक को DGGI की टीम ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया, जहां कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

फर्जी कंपनियों का जाल बिछाकर की करोड़ों की धोखाधड़ी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी अभिषेक पाठक देश के अलग-अलग हिस्सों में फर्जी नामों से कागजी फर्में और कंपनियां संचालित कर रहा था। इन फर्जी फर्मों के जरिए बिना किसी वास्तविक माल (Goods) या सेवाओं (Services) की आपूर्ति के केवल फर्जी इनवॉइस (बिल) जारी किए जा रहे थे। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य सरकार को धोखा देकर करोड़ों रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करना था।

शाहजहांपुर में छिपे आरोपी को रायपुर टीम ने दबोचा

रायपुर जोनल यूनिट को जब इस करोड़ों के रैकेट के इनपुट्स मिले, तो अधिकारियों ने डेटा एनालिसिस और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी को ट्रैक करना शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी की लोकेशन उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मिली। रायपुर से रवाना हुई विशेष टीम ने वहां स्थानीय प्रशासन के सहयोग से दबिश देकर अभिषेक पाठक को गिरफ्तार कर लिया।

DGGI के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी जांच जारी है। आरोपी के बैंक खातों, लैपटॉप और अन्य दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है, जिससे इस रैकेट से जुड़े कुछ अन्य बड़े कारोबारियों और फर्जी फर्मों के नामों का खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।