मध्य पूर्व में महायुद्ध के आसार: अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर की भीषण एयरस्ट्राइक; बहरीन और कुवैत में पलटवार

वाशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा देने वाली खबर सामने आ रही है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में जहाजों पर हुए हालिया हमलों के बाद अमेरिका ने बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अख्तियार किया है। जारी सीजफायर के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान पर अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है।


🚀 अमेरिका का एक्शन: 80 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों से नाराज अमेरिका ने सीधे ईरान पर धावा बोल दिया है।

  • अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने मिलकर ईरान के भीतर 80 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

  • इन हमलों में ईरान के कमांड सेंटर, ड्रोन डिपो, हथियार गोदामों और मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।

  • अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि सीजफायर के बीच अमेरिका का यह कदम मध्य पूर्व में युद्ध की आग को और भड़का सकता है।


💥 ईरान का पलटवार: बहरीन और कुवैत में दागीं मिसाइलें

अमेरिकी एयरस्ट्राइक के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान ने भी पीछे न हटते हुए जबरदस्त पलटवार किया है। ईरान की सेना और उसकी प्रॉक्सी ताकतों ने क्षेत्रीय अमेरिकी हितों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

क्षेत्रीय तनाव चरम पर: ईरान ने अमेरिका को जवाब देने के लिए पड़ोसी देशों का रुख किया है। ईरान द्वारा बहरीन और कुवैत में स्थित ठिकानों पर भारी पलटवार किया गया है, जहाँ अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। इस जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

🌍 वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल पर मंडराया खतरा

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन बाधित होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। यदि यह टकराव लंबा खिंचता है, तो आने वाले दिनों में दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) और वैश्विक महाशक्तियां इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है।