अरुणाचल में कुदरत का कहर: 26 जिलों में भीषण बाढ़ से 94,000 प्रभावित, उत्तर भारत के 3 राज्यों में ‘ऑरेंज अलर्ट’
ईटानगर: देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का रूप कहीं राहत तो कहीं बड़ी आफत लेकर आया है। एक तरफ जहाँ पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश इस समय सदी की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है, वहीं उत्तर भारत में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है।
🌊 अरुणाचल प्रदेश: 26 जिलों में हाहाकार, 10 दिनों से कटे कई गाँव
अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। राज्य के 26 जिलों में भीषण बाढ़ और लैंडस्लाइड (भूस्खलन) ने भारी तबाही मचाई है।
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इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 94,000 से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हो चुके हैं।
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लैंडस्लाइड की वजह से कई मुख्य मार्ग और संपर्क पुल टूट गए हैं, जिससे सैकड़ों गाँव पिछले 10 दिनों से पूरी तरह से कटे हुए हैं।
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प्रभावित इलाकों में खाद्यान्न और जरूरी दवाइयों की किल्लत होने लगी है। प्रशासन वायुसेना और स्थानीय टीमों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिशों में जुटा है।
⛈️ उत्तर भारत: दिल्ली-NCR में गिरा पारा, इन राज्यों में ‘ऑरेंज अलर्ट’
उधर उत्तर भारत में भी मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। राजधानी दिल्ली और देश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) में हुई हालिया बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से राहत मिली है और तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग (IMD) की बड़ी चेतावनी: मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई है। IMD ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी करते हुए स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। इन राज्यों में तेज हवाओं और कड़कड़ाती बिजली के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।
⚠️ पहाड़ी इलाकों में यात्रा न करने की सलाह
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों (Landslide Zones) की यात्रा करने से परहेज करें।
