कानपुर में बनेगी यूपी की सबसे बड़ी डायलिसिस यूनिट, LLR अस्पताल में 30 बेड की सुविधा

किडनी की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कानपुर और आसपास के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कानपुर के लाला लाजपत राय (LLR) अस्पताल में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी 30 बेड की डायलिसिस यूनिट बनाई जाएगी। इस यूनिट के शुरू होने से मरीजों को लंबी वेटिंग और निजी अस्पतालों के महंगे इलाज से राहत मिलेगी।

नई डायलिसिस यूनिट की सबसे खास बात यह होगी कि इसमें सामान्य मरीजों के साथ-साथ हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और HIV संक्रमित मरीजों के लिए अलग बेड की व्यवस्था की जाएगी। इससे संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

KGMU से भी बड़ी होगी यूनिट

फिलहाल लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में 23 बेड की डायलिसिस यूनिट संचालित हो रही है, जिसे अब तक प्रदेश की सबसे बड़ी यूनिट माना जाता है। लेकिन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत LLR अस्पताल में बनने वाली 30 बेड की यूनिट उससे भी बड़ी होगी।

यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर तैयार की जा रही है। इसके लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ मेडिकल एजुकेशन (DGME) को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण और संचालन का काम शुरू किया जाएगा।

अभी सिर्फ 6 बेड के सहारे चल रहा काम

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला के मुताबिक वर्तमान में मेडिसिन विभाग में केवल 6 बेड का डायलिसिस सेंटर संचालित हो रहा है। अस्पताल में हर दिन 20 से ज्यादा मरीज डायलिसिस के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण कई मरीजों को वापस लौटना पड़ता है।

मजबूरी में मरीजों को उर्सुला अस्पताल या निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है। निजी अस्पतालों में एक बार डायलिसिस कराने पर 1000 से 1500 रुपये तक खर्च आता है, जो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भारी पड़ता है।

सरकारी दरों पर मिलेगी बेहतर सुविधा

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने किडनी रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए DGME को जल्द मंजूरी देने के लिए दोबारा पत्र भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह यूनिट शुरू होने के बाद मरीजों को सरकारी दरों पर बेहतर इलाज मिल सकेगा और लंबी वेटिंग से भी राहत मिलेगी।

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