रायपुर में मोबाइल स्टोर पर करोड़ों की चोरी, 173 iPhone ले उड़े चोर; 1.89 करोड़ का सामान पार

रायपुर। राजधानी रायपुर में चोरों ने मोबाइल स्टोर को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। मरीन ड्राइव के सामने स्थित iNext मोबाइल स्टोर का शटर बीच से मोड़कर अज्ञात आरोपी दुकान के भीतर दाखिल हुए और करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपये मूल्य के मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी कर फरार हो गए। चोरी गए सामान में कुल 173 आईफोन शामिल हैं। इसके अलावा स्मार्ट वॉच, हेडफोन और दुकान में लगा DVR भी आरोपी अपने साथ ले गए।

दुकान संचालक ऋषभ डागा की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने 1 नवंबर की रात अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शटर मोड़कर दुकान में दाखिल हुए आरोपी

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, दुकान संचालक 31 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे स्टोर बंद कर अपने घर चले गए थे। अगले दिन सुबह करीब 8:30 बजे दुकान के मैनेजर स्वप्नशील सोनी ने फोन कर चोरी की जानकारी दी। मैनेजर ने बताया कि दुकान का शटर बीच से मुड़ा हुआ था। हैरानी की बात यह थी कि शटर के दोनों ताले बाहर से लगे हुए थे, लेकिन दुकान के अंदर अलमारियां और दराज खुले पड़े थे।

सूचना मिलने के बाद संचालक तत्काल दुकान पहुंचे। अंदर जांच करने पर बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान गायब मिले। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई।

173 आईफोन में सबसे ज्यादा iPhone 17 चोरी

दुकान से चोरी हुए सामान की सूची के मुताबिक कुल 173 आईफोन चोरी किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 132 नग iPhone 17 शामिल हैं। इसके अलावा अन्य मॉडल के आईफोन, स्मार्ट वॉच और हेडफोन भी चोरी हुए हैं।

FIR में चोरी गए सामान की कुल कीमत 1,88,97,942 रुपये दर्ज की गई है। इतनी बड़ी मात्रा में महंगे मोबाइल फोन की चोरी ने राजधानी के व्यस्त कारोबारी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

DVR भी ले गए चोर, पुलिस के सामने जांच की चुनौती

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दुकान में लगा DVR भी अपने साथ ले गए, जिससे दुकान के सीसीटीवी फुटेज की जांच प्रभावित हो सकती है। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने और आरोपियों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।

तेलीबांधा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस के सामने चोरी गए महंगे मोबाइल फोन की बरामदगी, आरोपियों की पहचान और इतनी बड़ी वारदात में शामिल लोगों तक पहुंचने की चुनौती है।

राजनाथ सिंह ने नए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित से की मुलाकात, सफल कार्यकाल की दी शुभकामनाएं 29वें चीफ ऑफ द एयर स्टाफ बने आशुतोष दीक्षित, 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह; वायुसेना के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर रहेगा विशेष जोर नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भारतीय वायुसेना के नवनियुक्त प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित से मुलाकात की। इस दौरान रक्षा मंत्री ने उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई देते हुए उनके सफल और शानदार कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित एक उत्कृष्ट वायु योद्धा हैं और अपने प्रभावशाली नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना नई ऊंचाइयों को हासिल करेगी। 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में संभाली जिम्मेदारी एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को भारतीय वायुसेना के 29वें चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह का स्थान लिया, जो भारतीय वायुसेना में 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। करीब चार दशकों के सैन्य करियर में उन्होंने ऑपरेशनल गतिविधियों, फ्लाइट टेस्टिंग, क्षमता विकास और संयुक्त सैन्य अभियानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। 3,300 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव एयर चीफ मार्शल दीक्षित एक अनुभवी फाइटर पायलट, क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं। उन्हें मिराज-2000, मिग विमानों के विभिन्न संस्करणों, जगुआर और परिवहन विमानों सहित कई तरह के विमानों को उड़ाने का 3,300 घंटे से अधिक का अनुभव है। भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जगुआर और मिग-27 विमानों के अपग्रेड कार्यक्रमों के साथ स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA Mk-I तेजस की प्रारंभिक और अंतिम ऑपरेशनल क्लीयरेंस प्रक्रियाओं में उनकी अहम भूमिका रही है। कई महत्वपूर्ण सैन्य पदों पर दे चुके हैं सेवाएं अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान आशुतोष दीक्षित ने मिराज-2000 स्क्वाड्रन, पश्चिमी क्षेत्र के एक फॉरवर्ड बेस सपोर्ट यूनिट और वायुसेना स्टेशन बीदर की कमान संभाली है। इसके अलावा वे सदर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर, साउथ वेस्टर्न एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर, डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ और सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। वायुसेना प्रमुख बनने से पहले वे वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के पद पर कार्यरत थे। उन्हें वायु सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और परम विशिष्ट सेवा मेडल सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। ‘VAYU’ विजन से तय होंगी वायुसेना की प्राथमिकताएं नए वायुसेना प्रमुख ने कार्यभार संभालने के बाद अपनी प्राथमिकताओं को ‘VAYU’ विजन के माध्यम से स्पष्ट किया। इसमें सतर्कता, आत्मनिर्भरता, युक्ति और एकजुट प्रयासों को विशेष महत्व दिया गया है। उनके अनुसार, बदलती तकनीक और आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के बीच भारतीय वायुसेना को लगातार अपनी क्षमताओं का विकास करना होगा। वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को निर्धारित स्तर तक पहुंचाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। जवानों और उनके परिवारों का कल्याण भी प्राथमिकता एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने वायुसेना के अधिकारियों, एयर वॉरियर्स, अग्निवीरवायु कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारतीय वायुसेना हर परिस्थिति में सतर्क, तैयार और दृढ़ संकल्पित रहेगी। उनका कहना है कि वायुसेना का संकल्प लगातार आधुनिक बनना, अपनी परिचालन क्षमता को मजबूत करना और देश की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार रहना है।