रायपुर पुलिस का बड़ा डिजिटल कदम: गुढ़ियारी थाने में हुई ‘ई-मालखाना’ की शुरुआत, अब हर जब्त सामान का होगा यूनिक बारकोड
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की पुलिस ने हाईटेक और पारदर्शी पुलिसिंग की दिशा में एक और बड़ा व ऐतिहासिक कदम उठाया है। रायपुर पुलिस द्वारा तकनीकी स्तर पर व्यापक सुधार करते हुए शहर के व्यस्त गुढ़ियारी थाने में ‘ई-मालखाना’ (E-Malkhana) की शुरुआत की गई है। इस नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से अब थानों में बरसों से रखे जब्त सामानों के रख-रखाव और उनकी ट्रैकिंग में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
सोने-चांदी से लेकर गाड़ियों तक, सबको मिलेगा यूनिक बारकोड
‘ई-मालखाना’ प्रोजेक्ट के तहत अब विभिन्न अपराधों और मामलों के दौरान पुलिस द्वारा जब्त किए जाने वाले सभी सामानों को पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है।
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डिजिटल रिकॉर्ड: अब थाने में जब्त होने वाले सोने-चांदी के जेवरात, नकदी, ड्रग्स-नशीले पदार्थ और सभी प्रकार की गाड़ियों (वाहनों) की एंट्री कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में की जाएगी।
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यूनिक बारकोड सिस्टम: एंट्री के साथ ही प्रत्येक जब्त माल (प्रॉपर्टी) को एक यूनिक बारकोड (Unique Barcode) आवंटित किया जाएगा। इस बारकोड को स्कैन करते ही उस सामान से जुड़े केस, जब्ती की तारीख और वर्तमान स्थिति की पूरी कुंडली एक क्लिक में सामने आ जाएगी।
रिकॉर्ड रहेगा पूरी तरह सुरक्षित, बढ़ेगी पारदर्शिता
पारंपरिक रूप से थानों के मालखाने में सामानों का रिकॉर्ड बड़े-बड़े रजिस्टरों में मैन्युअल तरीके से रखा जाता था, जिससे कई बार पुराना रिकॉर्ड ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। लेकिन इस नई डिजिटल और बारकोडेड व्यवस्था से मालखाने का पूरा रिकॉर्ड न केवल सुरक्षित रहेगा, बल्कि इसमें किसी भी प्रकार की हेरफेर की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, न्यायालयीन प्रक्रियाओं और जांच के दौरान किसी भी सामान की स्थिति का पता लगाना अब बेहद आसान हो जाएगा। गुढ़ियारी थाने से शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद आने वाले समय में रायपुर जिले के अन्य सभी प्रमुख थानों में भी ‘ई-मालखाना’ व्यवस्था लागू करने की योजना है।
