राजधानी में पेयजल संकट: अमृत मिशन के तहत 450 घरों में पानी सप्लाई बंद
February 16, 2026 upi24 news
रायपुर।
राजधानी में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। अमृत मिशन के तहत संचालित जल आपूर्ति व्यवस्था में तकनीकी समस्या के कारण करीब 450 घरों में पानी की सप्लाई पिछले 20 दिनों से बाधित बताई जा रही है। बढ़ती गर्मी के बीच यह स्थिति स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
450 घरों में सप्लाई प्रभावित

प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि अमृत मिशन की पाइपलाइन में आई खराबी के कारण नियमित जल आपूर्ति बंद है। कई परिवारों को पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। जलापूर्ति बाधित होने से दैनिक दिनचर्या और स्वच्छता पर भी असर पड़ा है।
20 दिन बाद भी समाधान नहीं
नागरिकों का आरोप है कि समस्या को लेकर संबंधित विभाग को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन 20 दिन बीतने के बाद भी आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पाइपलाइन लीकेज, मोटर फेलियर या प्रेशर असंतुलन जैसी तकनीकी दिक्कतें हैं, तो उन्हें शीघ्रता से ठीक किया जाना चाहिए। लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से जल प्रबंधन प्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
गर्मी के साथ संकट बढ़ने की आशंका
रायपुर में तापमान लगातार बढ़ रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। ऐसे में यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो संकट और गहरा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नगर प्रशासन को वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था और पाइपलाइन की त्वरित मरम्मत पर प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही जल संरक्षण के उपायों को भी बढ़ावा देना आवश्यक है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी टीम समस्या की जांच कर रही है और जल्द ही आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। टैंकरों के माध्यम से अस्थायी राहत देने की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि टैंकर आपूर्ति पर्याप्त नहीं है और समय पर पानी नहीं मिल पा रहा।
निष्कर्ष
राजधानी में पेयजल संकट ने नागरिक सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। अमृत मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत यदि 450 घरों में 20 दिनों तक पानी की सप्लाई बाधित रहती है, तो यह प्रशासनिक चुनौती का संकेत है।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए शीघ्र समाधान आवश्यक है, ताकि नागरिकों को बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष न करना पड़े।

