रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा की दो टूक: शहर की सफाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, कमीशनखोरी पर तुरंत नपेंगे अधिकारी

  • हड़ताली सफाईकर्मी काम पर लौटे: आयुक्त की सख्त हिदायत- “कर्मचारियों को समय पर मिले वेतन, जरूरत पड़ी तो अफसरों की सैलरी रोकेंगे।”

  • भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख: महापौर और सेंट्रल गैंग के नाम पर चल रही गड़बड़ी की होगी जांच; पार्षदों ने उठाया था सिंडिकेट का मुद्दा।

रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम के नए आयुक्त श्री संबित मिश्रा के कड़े रुख और त्वरित पहल के बाद, वेतन भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे सफाई कामगार आज से काम पर वापस लौट आए हैं। कामगारों की वापसी के साथ ही आयुक्त ने निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि शहर की स्वच्छता और सफाई व्यवस्था से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

आयुक्त श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सफाई कर्मियों को समय पर मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उन्होंने यहाँ तक कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो सफाई कर्मियों के हित में जिम्मेदार अधिकारियों का वेतन भी रोका जा सकता है।

कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार

निगम मुख्यालय में पार्षदों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में आयुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा— “यदि किसी भी अधिकारी द्वारा कमीशनखोरी या किसी अन्य गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो शिकायतकर्ता उसके कदाचरण का साक्ष्य (सबूत) उपलब्ध कराएं। ऐसे दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

पार्षदों ने उठाया ‘सिंडिकेट’ का मुद्दा

बैठक के दौरान नगर निगम के पार्षदों ने स्वच्छता अमले से जुड़े कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों के आपसी सिंडिकेट (गठबंधन) पर गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों का कहना था कि इस सिंडिकेट की वजह से न सिर्फ धरातल पर काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि नगर निगम की छवि भी धूमिल हो रही है। इस पर अंकुश लगाना बेहद जरूरी है।

पार्षदों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त संबित मिश्रा ने ‘महापौर गैंग’ और ‘सेंट्रल गैंग’ के नाम पर शहर में चल रही प्रशासनिक भर्राशाही (अव्यवस्था) की विस्तृत जांच कराने और इस पर तुरंत रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

लापरवाही और फर्जी हाजिरी पर गिरेगी गाज

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सफाई कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई, कर्मचारियों की फर्जी उपस्थिति (Ghost Attendance), निर्धारित संख्या से कम बल की तैनाती या भुगतान में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) सहित ब्लैकलिस्ट करने जैसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अंत में दोहराया कि नगर निगम का प्राथमिक दायित्व रायपुर के नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। प्रशासनिक गलियारों में माना जा रहा है कि आयुक्त के इस तेवर से निगम प्रशासन में जवाबदेही तय होगी और शहर की चरमराई सफाई व्यवस्था में तेजी से सुधार आएगा।

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