छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली का कहर, कई जिलों में यलो अलर्ट

कवर्धा ज़िले के घुमाछापर गांव के पास टमरू नाले में रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ गई। ट्रॉली में सवार सभी 7 मजदूर बह गए, लेकिन तैरकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले के बीचों-बीच फंस गई थी। इस दौरान अचानक तेज बारिश हुई और पानी का बहाव तेज हो गया, जिससे यह हादसा हुआ।

इधर सूरजपुर ज़िले में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि 6 लोग झुलस गए हैं। इनमें 2 बच्चे भी शामिल हैं। घायलों का इलाज सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। बताया गया कि यह हादसा तब हुआ जब ग्रामीण महतारी वंदन योजना की राशि कटने की शिकायत लेकर पंचायत सचिव से दस्तावेज अपडेट करा रहे थे।

मौसम का हाल
रायपुर में मंगलवार सुबह से ही बादल छाए रहे और दोपहर से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा को छोड़कर बाकी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और आंधी की संभावना जताई गई है। विभाग का कहना है कि 17 सितंबर से मौसम की गतिविधियों में कमी आएगी।

बाढ़ से प्रभावित इलाके
पिछले हफ़्ते उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बने थे। बस्तर संभाग के चार जिलों में कई पुल टूट गए, 200 से ज्यादा घर ढह गए और दर्जनों गांव प्रभावित हुए। प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था की है। हालांकि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कतें अब भी बनी हुई हैं।