जर्जर भवनों पर नगर निगम की सख्ती, सभी 10 जोनों में नोटिस

जर्जर भवनों पर नगर निगम की सख्ती, सभी 10 जोनों में नोटिस और कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। शहर में जर्जर और खतरनाक भवनों से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रायपुर नगर निगम ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर अपर आयुक्त नगर निवेश पंकज के. शर्मा ने निगम के सभी 10 जोनों के जोन कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा है।

निर्देश के तहत सभी जर्जर एवं खतरनाक भवनों पर अनिवार्य रूप से नोटिस चस्पा किया जाएगा। इसके साथ ही भवन की वर्तमान स्थिति का स्पष्ट फोटोग्राफ और वीडियोग्राफी कर रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। निगम का उद्देश्य जर्जर भवनों के अचानक गिरने से होने वाली जनहानि और संपत्ति के नुकसान की आशंका को समय रहते दूर करना है।

भवन मालिकों से लिया जाएगा शपथ पत्र

नगर निगम ने जर्जर भवनों के संबंध में भवन स्वामियों की जिम्मेदारी भी तय करने की प्रक्रिया शुरू की है। जोन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि संबंधित भवन मालिक से स्टांप पेपर पर नोटरीकृत शपथ पत्र प्राप्त किया जाए।

शपथ पत्र में भवन स्वामी द्वारा यह स्पष्ट किया जाएगा कि भविष्य में जर्जर भवन के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना या जन-धन की हानि होने पर उसकी जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी। साथ ही भवन स्वामी को अपने स्तर पर जर्जर संरचना को हटाकर इसकी सूचना नगर निगम को देने के लिए कहा जाएगा।

यदि भवन स्वामी द्वारा आवश्यक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो नगर निगम द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जोन स्तर पर कार्रवाई का अधिकार

नगर निगम आयुक्त के निर्देश के अनुसार जर्जर भवनों को नोटिस जारी करने और उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जिम्मेदारी जोन स्तर पर तय की गई है। इसके लिए सभी 10 जोनों के जोन कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे भवनों का निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया है।

अपर आयुक्त नगर निवेश पंकज के. शर्मा ने नगर निगम मुख्यालय के नगर निवेश विभाग के नगर निवेशक और सभी जोन कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि उनके कार्यक्षेत्र में आने वाले मकान, भवन, दुकान एवं अन्य जर्जर संरचनाओं की स्थिति का परीक्षण किया जाए। ऐसे भवन जो अत्यधिक कमजोर हो चुके हैं और जिनके अचानक गिरने की आशंका है, उनके खिलाफ नगर पालिक निगम अधिनियम में निहित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।

जनसुरक्षा को प्राथमिकता

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जर्जर भवनों के खिलाफ कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित हादसे से पहले जनसुरक्षा सुनिश्चित करना है। शहर में पुराने और कमजोर भवनों से आसपास रहने वाले लोगों, राहगीरों और सार्वजनिक आवागमन को खतरा उत्पन्न हो सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए निगम के नगर निवेश विभाग और सभी जोन कार्यालयों को जर्जर भवनों की पहचान, नोटिस चस्पा करने, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया को गंभीरता से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम प्रशासन ने भवन स्वामियों से भी अपील की है कि वे अपने जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर स्वयं आवश्यक कदम उठाएं, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।