छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप मिशन को 500 करोड़, सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में युवाओं, रोजगार, निर्यात, कौशल विकास और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने अगले पांच वर्षों के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ के तहत 500 करोड़ रुपए का प्रावधान करने के साथ ही सरकारी एवं संबद्ध संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी है। इसके अलावा नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना और दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई।
युवाओं के लिए 500 करोड़ का स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन
कैबिनेट ने प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। इस मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर विकसित किए जाएंगे।
वहीं, NIPUN JOB Engine के जरिए उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर रहेगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है।
इस पहल के जरिए छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार और नई तकनीक पर आधारित उद्योगों के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
निर्यात को बढ़ावा देने नई नीति को मंजूरी
राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में शामिल करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को भी मंजूरी प्रदान की है।
नई नीति के तहत प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा। निर्यातकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और व्यापार से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की योजना है।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों एवं निर्यातकों को वैश्विक बाजारों से सीधे जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। नीति का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में मात्रा के साथ-साथ गुणवत्ता में भी वृद्धि करना है।
नवा रायपुर में बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है। कैबिनेट ने ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह भूमि भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को दी जाएगी।
करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
संस्थान में प्रतिवर्ष 1,000 प्रशिक्षुओं को दीर्घकालिक पाठ्यक्रम तथा करीब 3,000 प्रशिक्षुओं को अल्पकालीन प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। प्रशिक्षण को मौजूदा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
NSTI के शुरू होने से प्रदेश के युवाओं को उन्नत तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इससे नवा रायपुर को कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, आयु सीमा 38 से बढ़कर 45 वर्ष
मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी शासकीय सेवकों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए भी अहम फैसला लिया है।
इन कर्मचारियों को अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने के मामले में निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस निर्णय से सरकारी और संबद्ध संस्थानों में काम कर रहे कर्मचारियों को उच्च पदों तथा दूसरी शासकीय सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए अधिक अवसर मिल सकेंगे। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन का रास्ता साफ
कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
यह भूमि वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है।
इस फैसले से दुर्ग में आधुनिक और व्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे जिले की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
