रायपुर : उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर कबीरधाम की 129 शालाओं में बालिका शौचालय निर्माण को मिली स्वीकृति

वीबी जीरामजी योजना से बालिकाओं को आधुनिक सुविधाएं, ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार

स्वीकृति जारी होते ही ग्राम पंचायतों ने शुरू कराया निर्माण कार्य

रायपुर, 5 अगस्त 2026। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर कबीरधाम जिले की 129 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में बालिका शौचालय निर्माण के लिए 5 करोड़ 53 लाख 90 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह निर्माण कार्य विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी जीरामजी) के तहत कराया जाएगा, जिससे छात्राओं को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण के लिए प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजा गया था। प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए स्वीकृति जारी की गई। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना और स्वच्छ एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

उल्लेखनीय है कि विकसित भारत जीरामजी योजना के शुभारंभ के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा था कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ विद्यालयों में बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। इसी दिशा में यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

ग्राम पंचायतें करेंगी निर्माण कार्य

कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में बालिका शौचालय निर्माण का कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय के लिए 4 लाख 30 हजार रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। सभी निर्माण एजेंसियों को तत्काल कार्य प्रारंभ करने तथा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

चार जनपद पंचायतों में स्वीकृत हुए कार्य

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जनपद पंचायत बोड़ला की 25 शालाओं के लिए 1 करोड़ 7 लाख 50 हजार रुपये, कवर्धा की 3 शालाओं के लिए 12 लाख 90 हजार रुपये, सहसपुर लोहारा की 15 शालाओं के लिए 64 लाख 50 हजार रुपये तथा पंडरिया की 86 शालाओं के लिए 3 करोड़ 69 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

रोजगार के साथ बेहतर सुविधाओं का लाभ

शौचालय निर्माण से जहां विद्यालयों में बालिकाओं को सुरक्षित और सर्वसुविधायुक्त शौचालय उपलब्ध होंगे, वहीं निर्माण कार्य के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान की जाएगी। अनुमान है कि 129 शौचालयों के निर्माण से 75 से 80 लाख रुपये की मजदूरी सीधे ग्रामीणों के खातों में पहुंचेगी।

वीबी जीरामजी योजना के माध्यम से एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी अधोसंरचना का विकास होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।