रायपुर: कैबिनेट के बड़े फैसले, 500 करोड़ के AI मिशन समेत 7 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी

रायपुर, 5 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, सुशासन, डिजिटल प्रशासन, औद्योगिक निवेश, सड़क निर्माण, वित्तीय प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने 500 करोड़ रुपये की लागत वाले पांच वर्षीय छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन को मंजूरी दी। मिशन के तहत 100 AI डेटा लैब स्थापित की जाएंगी, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे, 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी तथा 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही शासन की कार्यप्रणाली को अधिक तेज और प्रभावी बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।

मंत्रिपरिषद ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित कर छत्तीसगढ़ में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की मंजूरी भी दी। इससे राज्य में बड़े निवेश, रोजगार के नए अवसर और MSME क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) लागू करने के पहले चरण को भी मंजूरी दी गई। इस प्रणाली के माध्यम से कार्य स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान और गुणवत्ता निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी।

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन को भी स्वीकृति दी। अब ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण को बढ़ावा मिलेगा तथा सड़क निर्माण से पहले मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। योजना के दायरे का भी विस्तार किया गया है।

मंत्रिपरिषद ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से “अंजोर LIGHT” तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये के पूर्ण अनुदान को मंजूरी दी। तीन वर्ष की इस परियोजना के तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, PPP इकोसिस्टम, ग्रीन फाइनेंस, सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता और अंजोर विजन-2047 के अनुरूप परियोजनाओं पर कार्य किया जाएगा। इस परियोजना में राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा।

राज्य सरकार ने राज्य योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने का भी निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत योजनाओं की राशि केंद्रीकृत मदर अकाउंट से सीधे हितग्राहियों और वेंडरों को जारी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा और निष्क्रिय राशि तथा वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी भी दी। इससे ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और विद्युत अवसंरचना के विकास के लिए नए वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।