छत्तीसगढ़ विधानसभा में गरमाई बहस: दिव्यांगों से लेकर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना तक, विपक्ष ने सरकार को घेरा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 16वें दिन प्रश्नकाल में सरकार से कई अहम मुद्दों पर जवाब मांगे गए। इन मुद्दों पर तीखी बहस हुई, जिसमें दिव्यांगों के लिए पदों के चिन्हांकन, महतारी वंदन योजना, पालना योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में अनियमितताओं को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
दिव्यांगों के लिए अधिनियम लागू न होने पर उठे सवाल
विधानसभा में भाजपा विधायक प्रबोध मिंज ने दिव्यांगों के लिए पदों के चिन्हांकन को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने 2016 में बने दिव्यांगजन अधिनियम को लागू न करने का मुद्दा उठाया, जिसके बारे में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि प्रक्रिया चल रही है और कई विभागों से अभिमत लिया जा रहा है। विपक्षी विधायक प्रबोध मिंज ने आरोप लगाया कि सात सालों में केवल प्रक्रिया ही चल रही है, लेकिन पद चिन्हांकित नहीं हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सरकार को निर्देश दिया कि इस संबंध में 6 महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी की जाए।
महतारी वंदन योजना में धन की कटौती पर सवाल
कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने महतारी वंदन योजना में बुजुर्ग महिलाओं को 500 रुपये काटकर दिए जाने का मुद्दा उठाया। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि अंतर की राशि दी जा रही है, लेकिन विपक्षी विधायक संगीता सिन्हा ने इस पर और जानकारी मांगी, जिससे यह साफ हो सके कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी।
पालना योजना में अनियमितताएं
कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने पालना योजना में सरकारी राशि के खर्च न होने पर सवाल उठाया। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि 40% राज्यांश न मिलने के कारण कोई राशि खर्च नहीं की जा सकी। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले में पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में वंचित लाभार्थियों का मुद्दा
भाजपा विधायक भावना बोहरा ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में वंचित लाभार्थियों का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों को 5 किलो चावल नहीं मिला, और इस पर जांच की मांग की। मंत्री ने जवाब दिया कि 97% लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में गड़बड़ी का आरोप
कांग्रेस विधायकों संदीप साहू और कुंवर सिंह निषाद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि बालोद में 16 जोड़ों के विवाह में 33 लाख रुपये खर्च किए गए, जबकि नियम के मुताबिक 8 लाख रुपये खर्च होने चाहिए थे। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस पर कहा कि विवाहों में पूरी पारदर्शिता बरती गई है, लेकिन कांग्रेस विधायक ने इसकी जांच की मांग की।
इन सभी मुद्दों पर विधानसभा में विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा और तुरंत कार्रवाई की मांग की।
