BIG BREAKING……मदरसे में छापे जा रहे थे नकली नोट, मौलाना समेत चार गिरफ्तार

प्रयागराज । मदरसे में रोजाना 20 हजार रुपये की नकली नोट की छपाई होती थी। इसके लिए अच्छी क्वालिटी का कागज, स्याही इस्तेमाल की जाती थी। प्रिंटेड नोट को पटरी की मदद से कटर ब्लेड के जरिए बड़े अच्छी तरीके से काटा जाता था। इसके बाद असली नोट में इस्तेमाल होने वाले मैटेलिक धागे की तरह नकली नोट पर हरे रंग का चमकीला टेप लगाते थे, ताकि देखने वालों की आंखें धोखा खा जाएं।
आरोपित यह जानते थे कि पांच सौ रुपये की नोट को लेने से पहले कोई भी दुकानदार कई बार उलट-पलट कर देखता है, लिहाजा मौलवी समेत अन्य ने 100-100 रुपये की नोट ही छापने का प्लान बनाया था। पुलिस का कहना है कि गिरोह का सरगना जाहिर खान और मो. अफजल दिन में नोटों की छपाई करते थे। वह हाई क्वालिटी के स्कैनर से 100 रुपये की नोट को स्कैन करते थे और फिर उसी सिरीज के नोट का प्रिंट निकालते थे
पुलिस का दावा है कि आरोपित पिछले तीन महीने से फैक्ट्री संचालित कर रहे थे। रोजाना 20 हजार रुपये की नकली नोट के हिसाब से 18 लाख की जाली मुद्रा बाजार में पहुंच चुकी है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है।