आधार कार्ड से साइबर ठग उड़ा रहे पैसे: बिना OTP-बैंक डिटेल के भी हो रही ठगी
रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब ठग केवल OTP या बैंक डिटेल्स के भरोसे नहीं हैं, बल्कि आधार कार्ड और डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर लोगों के खाते खाली कर रहे हैं। विधायक, डॉक्टर, सरकारी कर्मचारी और आम नागरिक तक इनके निशाने पर हैं।
रायपुर के 4 बड़े केस
1. क्रिप्टो निवेश के नाम पर 16 लाख की ठगी
31 मई को महालेखाकार कार्यालय के अकाउंटेंट शंकर बोस को फेसबुक पर दोस्ती कर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। वहां क्रिप्टोकरेंसी निवेश का लालच देकर उनसे 16 लाख रुपए ठग लिए गए।
2. बैंक अधिकारी बनकर खाते से उड़ाए 73 हजार
28 मई को रायपुर निवासी शिव को बैंक अधिकारी बनकर कॉल किया गया। संदिग्ध ट्रांजैक्शन की पुष्टि के बहाने बात की गई और कॉल कटने के बाद खाते से 73 हजार रुपए निकल गए।
3. विधायक पुरंदर मिश्रा भी बने शिकार
27 मई को भाजपा विधायक Purandar Mishra को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पीए बनकर फोन किया गया और 10 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। पुलिस ने आरोपियों को ओडिशा से गिरफ्तार किया।
4. डॉक्टर को किया “डिजिटल अरेस्ट”
रिटायर्ड डॉक्टर सपन कुमार को क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर डराया गया और डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगी की गई। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
साइबर ठगी के 9 नए पैटर्न
1. डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड
ठग खुद को पुलिस, CBI या क्राइम ब्रांच अधिकारी बताते हैं। वीडियो कॉल पर डराकर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
2. फेक KYC अपडेट
बैंक या मोबाइल कंपनी बनकर KYC अपडेट के नाम पर लिंक भेजते हैं।
3. आधार लिंकिंग स्कैम
आधार कार्ड बंद होने या गलत इस्तेमाल का डर दिखाकर जानकारी हासिल की जाती है।
4. रिमोट एक्सेस ऐप फ्रॉड
AnyDesk, TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल का कंट्रोल ले लिया जाता है।
5. निवेश और क्रिप्टो स्कैम
कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया जाता है।
6. वर्क फ्रॉम होम जॉब फ्रॉड
ऑनलाइन नौकरी के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस या टास्क इन्वेस्टमेंट कराया जाता है।
7. म्यूल अकाउंट फ्रॉड
लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें ठगी का पैसा ट्रांसफर किया जाता है।
8. फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल
रिश्तेदार, नेता या अधिकारी बनकर पैसे मांगे जाते हैं।
9. QR कोड और UPI रिक्वेस्ट स्कैम
पैसे मिलने के बहाने QR कोड स्कैन करवाकर खाते से रकम निकाल ली जाती है।
बिना OTP और बैंक डिटेल के कैसे हो रही ठगी?
साइबर अपराधी अब कई तरीकों से लोगों की डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर रहे हैं:
- आधार से जुड़ी जानकारी का फर्जी इस्तेमाल
- फर्जी सिम एक्टिवेशन
- सोशल इंजीनियरिंग
- स्क्रीन शेयरिंग ऐप
- नकली वेबसाइट और ऐप
- ऑटो-फॉरवर्ड SMS तकनीक
इन तरीकों में कई बार OTP यूजर तक पहुंचने से पहले ही अपराधियों के सिस्टम तक पहुंच जाता है।
छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के आंकड़े
- जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच राज्य में 1301 साइबर अपराध दर्ज हुए।
- पीड़ितों को 107 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ।
- NCRP पोर्टल के अनुसार जनवरी 2023 से जून 2025 के बीच 67,389 शिकायतें दर्ज हुईं।
- कुल ठगी की रकम करीब 791 करोड़ रुपए तक पहुंची।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रायपुर पुलिस ने 101 म्यूल अकाउंट होल्डर्स को गिरफ्तार किया। इन खातों के जरिए देशभर में 1.57 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों से 50 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का भी खुलासा हुआ।
साइबर ठगी से बचने के तरीके
✅ किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
✅ स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें
✅ बैंक कभी फोन पर OTP नहीं मांगता
✅ सोशल मीडिया प्रोफाइल की पुष्टि करें
✅ लालच देने वाले निवेश ऑफर से बचें
✅ QR कोड स्कैन करने से पहले जांच करें
✅ आधार और बैंक डिटेल सार्वजनिक न करें
ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?
- बैंक और UPI सेवा को तुरंत ब्लॉक कराएं
- साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें
- National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज करें
- नजदीकी साइबर सेल या थाने में रिपोर्ट करें
- स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन सुरक्षित रखें
रायपुर पुलिस कमिश्नर Dr. Sanjeev Shukla ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
