CM विष्णु देव साय की अध्यक्षता में एसपी कॉन्फ्रेंस शुरू: 3 घंटे तक सीएम करेंगे पुलिस कप्तानों के काम की समीक्षा; वन-अफसरों से भी करेंगे चर्चा
October 13, 2025 Yogesh Katre
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज राजधानी रायपुर में एक महत्वपूर्ण एसपी (Superintendents of Police) कॉन्फ्रेंस शुरू हुई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के पुलिस कप्तानों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करना और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
सम्मेलन का स्वरूप और एजेंडा
यह समीक्षा बैठक लगभग 3 घंटे तक चलेगी, जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं पुलिस कप्तानों से उनके जिलों की रिपोर्ट लेंगे। एसपी कॉन्फ्रेंस के बाद मुख्यमंत्री वन विभाग के अधिकारियों के साथ भी चर्चा करेंगे, ताकि सुरक्षा, वन क्षेत्र प्रबंधन और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर समन्वय स्थापित हो सके।
इस बैठक में डीजीपी, आईजी, सभी जिलों के एसपी, कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं, ताकि जिले-वार समीक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर बेहतर रणनीति बनाई जा सके।
समीक्षा का फोकस: सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नक्सल प्रभावित क्षेत्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के सभी पुलिस कप्तानों से उनके-अपने जिलों की कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे सुरक्षा अभियानों की समीक्षा कर रहे हैं।
नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस की मौजूदगी, सुरक्षा बलों की रणनीति, और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों से वन अपराधों, अवैध कटाई, और वन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी।
नये मॉड्यूल और अपेक्षाएँ
मुख्यमंत्री ने बैठक की शुरुआत में ही अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि काम में लापरवाही और ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता से जुड़ी योजनाओं का समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन है, इसलिए यदि किसी विभाग में देरी या लापरवाही पाई जाती है, तो कलेक्टर और एसपी को सीधे जवाबदेह ठहराया जाएगा।
सीएम साय ने यह भी कहा कि जिन जिलों में अपराध दर अधिक है, वहाँ सख्त कानून व्यवस्था और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए।
चुनौतियाँ और संभावनाएँ
राज्य के पुलिस कप्तानों के सामने कई चुनौतियाँ हैं — संसाधनों की कमी, थानों में कर्मियों की कमी, और तकनीकी उपकरणों की सीमाएँ।
वन क्षेत्र और आदिवासी इलाकों में अपराध और विवाद अधिक जटिल होते हैं, जिन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री का यह प्रयास इन चुनौतियों को समझने और उनके समाधान के लिए जमीनी रणनीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
यह एसपी कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सख्त और जवाबदेह प्रशासनिक नीति का प्रतीक है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक तंत्र को परिणाम-आधारित काम करना होगा।
यदि इस बैठक में तय बिंदुओं पर ईमानदारी से अमल किया गया, तो आने वाले दिनों में राज्य की कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग और वन सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

