Sunday, May 22, 2022

अन्य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों से गणना हेतु, मुख्यमंत्री ने किया मोबाईल ऐप और वेब पोर्टल लॉच

रायपुर/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में राज्य की जनसंख्या में अन्य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की गणना हेतु छत्तीसगढ़ क्वांटीफायबल डाटा आयोग के मोबाइल एप और वेब पोर्टल www.cgqdc.in लांच किया। मुख्यमंत्री बघेल ने इस एप में अपने से संबंधित जानकारी दर्ज कर एप के माध्यम से गणना हेतु सर्वे कार्य का प्रदेशव्यापी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि समाज के हर वंचित तबके तक न्याय पहुंचाना और सभी वर्गों के लिए हर तरह के अवसरों की समानता निर्मित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में राज्य सरकार ने किसानों, वनवासियों, मजदूरों और भूमिहीनों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा 04 सितंबर 2019 को एक अध्यादेश जारी करके अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया था। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय को कुछ लोगों ने अदालत में चुनौती दी, जिसके बाद माननीय उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के इस निर्णय के क्रियान्वयन पर स्थगन देते हुए राज्य शासन को क्वाइंटिफिएबल डेटा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

बघेल ने कहा कि उच्च न्यायलय के आदेश के परिपालन के लिए, और आरक्षण के प्रावधानों को विधिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए क्वाइंटिफिएबल डाटा आयोग का गठन किया गया है। आयोग अपने काम को सुव्यवस्थित और सटीक तरीके से पूरा कर सके इसके लिए पोर्टल और मोबाइल एप का निर्माण किया गया है। जिसका आज लोकार्पण किया गया। यह मोबाइल एप आयोग के साथ-साथ आवेदकों के लिए भी काफी सुविधाजनक होगा, और एक पारदर्शी व्यवस्था के साथ पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की गणना हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों से इस सर्वे में डेटा संकलन के काम में अधिक से अधिक सहयोग प्रदान करने की अपील की। गणना हेतु चिप्स द्वारा तैयार ‘सीजीक्यूडीसी‘ (CGQDC) मोबाईल एप चिप्स प्ले स्टोर में उपलब्ध है, जिसे डाउनलोड करके निर्धारित प्रपत्र में चाही गई जानकारी अपलोड की जा सकती है। इसके अलावा च्वाईस सेंटर में वेब पोर्टल www.cgqdc.in के जरिए भी गणना हेतु जानकारी दर्ज की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में सर्वे के लिए 5549 सुपरवाईजर नियुक्त किए गए हैं। जिनमें से शहरी क्षेत्रों में 1103 तथा ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 4446 सुपरवाईजरों की नियुक्ति की गई है। मोबाइल एप को इंस्टाल करने के बाद एप में आवेदक को पंजीयन करना होगा। पंजीयन के लिए एप में लॉगिन के चार विकल्प दिये गये हैं। आधार कार्ड, राशन कार्ड नंबर, राशन कार्ड के मुखिया के मोबाइल नम्बर अथवा आवेदक के स्वयं के मोबाईल नंबर के आधार पर एप में लॉगिन किया जा सकता है। लॉगिन के बाद एप में एक प्रपत्र में आवेदक से संबंधित जानकारी जानकारी भरकर अपलोड करना होगा। अपलोड की गई जानकारी संबंधित आवेदक के ग्राम पंचायत, नगर पंचायत अथवा नगरीय निकाय के वार्ड के लिए नियुक्त सुपरवाईजर के पास स्वयं ही फारवर्ड हो जाएगी। आवेदक के क्षेत्र में अधिकृत सुपरवाईजर को जैसे ही आवेदक की जानकारी मिलेगी, वह उसका सत्यापन करेगा। इसके बाद डाटा सर्वर में सुरक्षित हो जाएगा। यही डाटा राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की गणना में सहायक होगा।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Follow Us

344FansLike
822FollowersFollow
69FollowersFollow

Latest Articles