छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: कांग्रेस नेता के बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ, सीधे ‘राजीव भवन’ पैसा मंगवाने का गंभीर आरोप

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल शराब घोटाले (Liquor Scam) में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। इस मामले की जांच कर रही एजेंसियों ने कांग्रेस नेता रामगोपाल के बेटे को हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई के बाद से राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है।

 फरारी के ठिकानों को लेकर घंटों हुई पूछताछ

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियों के अफसरों ने कांग्रेस नेता के बेटे को हिरासत में लेने के बाद काफी लंबी पूछताछ की है।

  • पूछताछ का मुख्य केंद्र आरोपी के फरारी के ठिकाने और इस दौरान उसे शरण देने वाले लोग थे।

  • अधिकारियों ने घोटाले से जुड़े कई अहम कड़ियों और दस्तावेजों को लेकर भी सवाल-जवाब किए हैं।

 राजीव भवन कनेक्शन: सीधे कांग्रेस मुख्यालय पहुंचता था पैसा?

इस मामले में सबसे बड़ा और गंभीर खुलासा कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को लेकर हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे सिंडिकेट का जाल बेहद गहरा है।

जांच एजेंसियों का बड़ा दावा: कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष पर शराब घोटाले का अवैध पैसा सीधे कांग्रेस मुख्यालय (राजीव भवन) मंगवाने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपों के अनुसार, घोटाले की एक बड़ी रकम को राजनीतिक गतिविधियों और पार्टी के फंड के रूप में इस्तेमाल करने के लिए सीधे मुख्यालय भेजा जाता था।

 जांच का दायरा बढ़ने की उम्मीद

कांग्रेस नेता के बेटे से हुई इस कड़ाई से पूछताछ के बाद छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में कई नए नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस बात के पुख्ता सबूत जुटा रही हैं कि राजीव भवन में पैसा पहुंचाने के लिए किन-किन कूरियर या बिचौलियों का इस्तेमाल किया गया था। आने वाले दिनों में कांग्रेस के कुछ अन्य बड़े पदाधिकारियों को भी पूछताछ के लिए समन भेजा जा सकता है।