बड़ी कामयाबी: महादेव सट्टा ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार, भारत प्रत्यर्पण की तैयारी तेज

रायपुर/मस्कट: छत्तीसगढ़ पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के हाथ एक बहुत बड़ी सफलता लगी है। करोड़ों रुपये के कुख्यात महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप (Mahadev Online Book App) का मुख्य संचालक और मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से सट्टा बाजार और इससे जुड़े सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।


🛂 फर्जी पासपोर्ट के चक्कर में फंसा सट्टा किंग

मिली जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी लोकेशन बदल-बदलकर कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था।

  • ओमान में सुरक्षा एजेंसियों ने उसे फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करने के आरोप में दबोचा है।

  • वह अपनी असली पहचान छिपाकर यात्रा करने और विदेश में शरण लेने की फिराक में था, लेकिन खुफिया इनपुट्स के आधार पर वह पकड़ा गया।


✈️ भारत लाने (Extradition) की प्रक्रिया शुरू

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही भारतीय जांच एजेंसियां तुरंत एक्शन मोड में आ गई हैं।

इंटरपोल और विदेश मंत्रालय सक्रिय: चूंकि चंद्राकर के खिलाफ भारत में लुकआउट सर्कुलर (LOC) और रेड कॉर्नर नोटिस पहले से ही जारी थे, इसलिए भारतीय एजेंसियां अब ओमान सरकार के साथ संपर्क साधकर उसे प्रत्यर्पित (Extradition) कर भारत लाने की कानूनी तैयारी में जुट गई हैं। उसे जल्द से जल्द भारत लाकर छत्तीसगढ़ और दिल्ली में पूछताछ के लिए पेश किया जा सकता है।

क्या है महादेव ऐप घोटाला?

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का नेटवर्क भारत सहित कई देशों में फैला हुआ था, जिसके जरिए हजारों करोड़ रुपये का अवैध सट्टा खिलाया गया और इस पैसे को विदेशों में शेल कंपनियों के जरिए लाउंडर (मनी लाउंड्रिंग) किया गया। इस मामले में कई बड़े राजनेताओं, अधिकारियों और बॉलीवुड अभिनेताओं के नाम भी जांच के दायरे में आ चुके हैं। सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से इस पूरे नेक्सस के कई और बड़े राज खुलने की उम्मीद है।