अविश्वास प्रस्ताव पर सीएम साय का तीखा पलटवार: बोले- यह सरकार नहीं, प्रदेश की 3 करोड़ जनता के जनादेश के खिलाफ है

रायपुर, 18 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेहद आक्रामक और रणनीतिक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह प्रस्ताव भाजपा सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के अटूट विश्वास और उनके दिए गए ऐतिहासिक जनादेश का अपमान है।

मुख्यमंत्री ने पुरजोर तरीके से कहा कि साल 2023 के विधानसभा चुनाव, उसके बाद लोकसभा चुनाव और फिर नगरीय निकाय चुनावों में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नकारते हुए भाजपा की विकासपरक राजनीति पर अपना भरोसा जताया है।

“कांग्रेस बताए कि उसका अविश्वास आखिर किस पर है?”

विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:

“कांग्रेस पहले यह साफ करे कि उसका अविश्वास आखिर किस पर है? क्या उसका अविश्वास उन 25 लाख किसानों पर है, जिन्हें रिकॉर्ड 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का दाम मिला? क्या उसका अविश्वास उन 70 लाख माताओं-बहनों पर है, जिनके खातों में महतारी वंदन योजना का पैसा जा रहा है? या फिर उनका अविश्वास उन प्रदेशवासियों पर है जिन्होंने भाजपा को स्पष्ट बहुमत दिया है?”

किसान और महिला सशक्तिकरण की बड़ी उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने सदन में अपनी सरकार की ढाई साल की प्रमुख उपलब्धियों का ब्योरा पेश किया:

  • किसानों के हित में: किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की गई, साथ ही दो साल का बकाया बोनस दिया गया और शून्य प्रतिशत (0%) ब्याज पर कृषि ऋण की बड़ी सुविधा उपलब्ध कराई गई।

  • महतारी वंदन योजना: राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को अब तक 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।

  • लखपति दीदी: महिला स्व-सहायता समूहों की 10.40 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है।

आदिवासी विकास, कानून व्यवस्था और नक्सल मोर्चे पर कड़ा प्रहार

अविश्वास प्रस्ताव पर सीएम साय का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। सुरक्षा के मोर्चे पर सुरक्षा बलों को फ्री-हैंड दिया गया है। इसके अलावा:

  1. प्रशासनिक सुधार: राजधानी रायपुर में सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था के लिए ‘पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली’ लागू की गई है। इसके साथ ही साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए नए साइबर थाने खोले जा रहे हैं।

  2. आदिवासी कल्याण: तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी, चरणपादुका योजना की बहाली, वनाधिकार लाभ, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना’ के जरिए अंतिम छोर के आदिवासियों तक विकास पहुंचाया जा रहा है।

  3. गरीबों को आवास: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सालों से वंचित गरीब परिवारों को पक्के मकान स्वीकृत कर तेजी से काम किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में 8.23 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश

औद्योगिक विकास का खाका खींचते हुए सीएम साय ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ को अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश (Investment) प्रस्ताव मिले हैं, जिससे आने वाले समय में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Manufacturing) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

ऊर्जा क्रांति और डिजिटल सुशासन

सुशासन और नागरिक सुविधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ के 76 हजार से अधिक घरों में सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना’ से 12 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के माध्यम से 36 अलग-अलग विभागों की 528 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए 435 बड़े सुधार लागू किए हैं।

संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जनता का आशीर्वाद और विश्वास सरकार के साथ है, और राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए उनकी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।