CGPSC SI रिजल्ट विवाद: ‘NEWS’ और ‘हे राम’ जैसे नामों पर बवाल, सिलेक्टेड कैंडिडेट बोले- “मजाक उड़ाने से हो रहा है मानसिक तनाव”

रायपुर/बिलासपुर:

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा हाल ही में जारी किए गए सूबेदार, सब-इंस्पेक्टर (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के प्रीलिम्स रिजल्ट की मेरिट सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मेरिट सूची में ‘NEWS’, ‘SPACE RANI’ और ‘हे राम’ जैसे अजीबोगरीब नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फर्जीवाड़े की आशंकाएं और मीम्स की बाढ़ आ गई। हालांकि, आयोग द्वारा की गई विभागीय जांच में सभी अभ्यर्थियों के पहचान पत्र और शैक्षणिक दस्तावेज सही पाए गए हैं।

मेहनत की जगह नाम का बन रहा मजाक: कैंडिडेट ‘हे राम’

बिलासपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे और प्रीलिम्स में चयनित अभ्यर्थी हे राम कश्यप ने इस पूरे विवाद पर अपना दर्द साझा किया है:

  • मेहनत की अनदेखी: हे राम ने बताया कि उन्होंने दिन-रात एक करके प्रीलिम्स परीक्षा उत्तीर्ण की है। लेकिन उनकी कड़ी मेहनत और सफलता की सराहना करने के बजाय केवल नाम को लेकर भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं और सोशल मीडिया पर उनका मजाक बनाया जा रहा है।

  • तैयारी पर असर: वह रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई करते हैं और उनका पूरा ध्यान अक्टूबर में आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा (Mains) पर है। नाम पर हो रही इस निरर्थक बहस के कारण उन्हें अत्यधिक मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

‘हे राम’ नाम पड़ने के पीछे की कहानी

अपने नाम के पीछे का इतिहास बताते हुए अभ्यर्थी ने स्पष्ट किया:

  • दादी ने रखा था नाम: उनका यह नाम उनकी दादी ने धार्मिक आस्था के तहत रखा था। दादी की मान्यता थी कि जीवन के अंतिम क्षणों में मनुष्य ‘हे राम’ का स्मरण करता है, इसलिए उन्होंने बचपन में ही यह नाम दिया।

  • सरनेम हटने का कारण: 10वीं कक्षा के दौरान स्कूल दस्तावेजों में तकनीकी भूलवश उनका सरनेम ‘कश्यप’ छूट गया था। तब से उनके सभी आधिकारिक प्रमाण पत्रों और पहचान पत्रों में उनका नाम केवल ‘हे राम’ ही दर्ज चला आ रहा है।

  • पहली बार हुआ ऐसा विवाद: उन्होंने बताया कि स्कूल से लेकर कॉलेज तक कभी किसी ने उनके नाम पर आपत्ति या मजाक नहीं बनाया, लेकिन CGPSC का रिजल्ट आते ही यह विवाद खड़ा कर दिया गया।

‘NEWS’ और अन्य नामों का सच

  • दस्तावेजी त्रुटि: आयोग की जांच में सामने आया कि ‘NEWS’ नाम दर्ज कराने वाले अभ्यर्थी के 10वीं के कागजात में नाम व सरनेम की तकनीकी गड़बड़ी के कारण फॉर्म में ऐसा नाम आया, लेकिन वह भी एक असली और पात्र अभ्यर्थी हैं।

  • आयोग की सफाई: विवाद बढ़ता देख CGPSC ने संबंधित अभ्यर्थियों के आधार कार्ड, 10वीं-12वीं की मार्कशीट और वीडियो वेरिफिकेशन के जरिए दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच की। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परिणाम पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है।