ध्वनि प्रदूषण और डीजे पर बिलासपुर हाईकोर्ट सख्त: प्रशासन को दिए कड़े निर्देश, कहा- कानून लंबित होने का बहाना नहीं चलेगा

बिलासपुर (UPI24 News): छत्तीसगढ़ में ध्वनि प्रदूषण और डीजे (DJ) के बेधड़क इस्तेमाल को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय (Chhattisgarh High Court) ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और राज्य भर में नियमों का कड़ाई से पालन कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

नया कानून लंबित होने का बहाना नहीं चलेगा

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि नया कानून लंबित होने या प्रक्रियाधीन होने का बहाना बनाकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते और न ही इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बरती जा सकती है। जब तक नए नियम पूरी तरह लागू नहीं हो जाते, तब तक वर्तमान में मौजूद ध्वनि प्रदूषण निवारण नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश

अदालत ने सभी जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि:

  • डीजे और लाउडस्पीकर पर नजर: निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक आवाज में बजाए जा रहे डीजे और साउंड सिस्टम पर तुरंत जब्ती और चालानी कार्रवाई की जाए।

  • समय सीमा का पालन: रात के तय समय के बाद बजने वाले लाउडस्पीकरों पर सख्त रोक लगाई जाए।

  • लापरवाही पर होगी कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारियों और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद राज्य भर के जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, और अब ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।