अमरनाथ यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर सेवा बंद: सुरक्षा और पर्यावरण के चलते लिया गया बड़ा फैसला
इस बार यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं को नहीं मिलेगी हेलिकॉप्टर की सुविधा
सुरक्षा कारणों और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पूरा रूट ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित
श्रद्धालुओं को अब केवल पारंपरिक पैदल या खच्चर मार्ग से ही करनी होगी यात्रा
श्रीनगर/नई दिल्ली (UPI24 News)। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। इस वर्ष होने वाली अमरनाथ यात्रा के संबंध में प्रशासन द्वारा एक बड़ा फैसला लिया गया है, जिसके तहत इस बार यात्रा मार्ग में हेलिकॉप्टर सेवा पूरी तरह से बंद रहेगी। सुरक्षा कारणों और पर्यावरण की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पूरे यात्रा रूट को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ (No-Flying Zone) घोषित कर दिया गया है।
अब तक बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में बुजुर्ग, बीमार और समय की कमी वाले श्रद्धालु हेलिकॉप्टर सेवा का उपयोग करते थे। बालटाल और पहलगाम दोनों ही रूटों से यह सेवा उपलब्ध कराई जाती थी, लेकिन इस नए आदेश के बाद इस बार हवाई मार्ग से यात्रा करने की उम्मीद लगाए बैठे श्रद्धालुओं को झटका लगा है।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अमरनाथ गुफा और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र पर्यावरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। हेलिकॉप्टर की तेज आवाज और उससे निकलने वाले प्रदूषण का असर वहां के ग्लेशियर और प्राकृतिक संतुलन पर पड़ रहा था। इसके साथ ही, सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट और अमरनाथ क्षेत्र की सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए पूरे रूट को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ में बदलने का निर्णय लिया गया है।
पैदल और पारंपरिक मार्ग ही एकमात्र विकल्प
हेलिकॉप्टर सेवा बंद होने के बाद अब श्रद्धालुओं के पास पवित्र गुफा तक पहुँचने के लिए केवल पारंपरिक मार्ग ही शेष बचे हैं। यात्रियों को अब या तो पैदल चलकर या फिर पालकी और खच्चर/घोड़े के माध्यम से अपनी यात्रा पूरी करनी होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले के बाद पैदल मार्ग पर सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक मजबूत किया जा रहा है ताकि ट्रैक पर चलने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
