एम्स रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा—डिग्री के साथ बढ़ती है सेवा और जिम्मेदारी

रायपुर, 3 सितंबर 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने चिकित्सा क्षेत्र में नव-स्नातक विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का अवसर है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आज डिग्री मिल रही है, लेकिन आने वाले समय में उनके कंधों पर लोगों के स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

समारोह में एम्स रायपुर के विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों के कुल 689 विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें 376 छात्राएं और 313 छात्र शामिल रहे। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मध्य भारत में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बना एम्स रायपुर

उपराष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2012 में स्थापना के बाद एम्स रायपुर ने मध्य भारत में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। कम समय में संस्थान छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन गया है।

उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर की सेवाओं का लाभ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है। संस्थान का विस्तार और उपलब्धियां छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलाव का प्रतीक हैं।

कठिन परिस्थितियों से निकलकर विकास की राह पर छत्तीसगढ़

सी.पी. राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ के उन क्षेत्रों का भी उल्लेख किया, जहां लंबे समय तक भौगोलिक कठिनाइयों, सीमित आवागमन और वामपंथी उग्रवाद के कारण विकास प्रभावित रहा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में हिंसा तथा भय के वातावरण का असर सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी पड़ा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब इन चुनौतियों से आगे बढ़ते हुए विकास, निवेश, बेहतर कनेक्टिविटी और नई संभावनाओं के दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीतिक पहल और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व को दिया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि जिन इलाकों की पहचान कभी हिंसा और पिछड़ेपन से होती थी, वहां अब सड़क, स्कूल, अस्पताल, निवेश और रोजगार के अवसरों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने इसे मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रभावी सुरक्षा नीति और विकास केंद्रित शासन का परिणाम बताया।

आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं में एम्स रायपुर ने हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धियां

एम्स रायपुर को छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र के परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए उपराष्ट्रपति ने संस्थान की चिकित्सा उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में किए गए पहले किडनी प्रत्यारोपण, किडनी ट्रांसप्लांट में 95 प्रतिशत से अधिक सफलता दर, कॉर्नियल और कान प्रत्यारोपण जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम को मिली मंजूरी संस्थान के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आधुनिक और जटिल चिकित्सा सुविधाएं अब छत्तीसगढ़ में तेजी से उपलब्ध हो रही हैं।

विकसित भारत के लिए शिक्षा और महिलाओं की भागीदारी जरूरी

उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के प्रत्येक राज्य, जिले और गांव का संतुलित विकास आवश्यक है। उच्च शिक्षा इस परिवर्तन की बुनियाद है।

उन्होंने उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, वर्ष 2014-15 में उच्च शिक्षा में महिलाओं का नामांकन 1.57 करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर 2.24 करोड़ हो गया। इस अवधि में महिला नामांकन में 42.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने युवा चिकित्सकों से कहा कि उनका ज्ञान लोगों को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करे, उनका शोध नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों को जन्म दे तथा उनकी सेवा समाज के लिए प्रेरणा बने।

युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज सेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान

उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ के महत्व पर जोर दिया और युवाओं से नशीली दवाओं को दृढ़ता से ना कहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के युवा ही ऐसे भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जहां तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने एम्स रायपुर के लिए चिकित्सा उत्कृष्टता, वैज्ञानिक अनुसंधान, जनस्वास्थ्य और मानवीय सेवा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की कामना की। साथ ही उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ में हो रहा बदलाव वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

चिकित्सा का उद्देश्य केवल उपचार नहीं, मानव सेवा भी : रमेन डेका

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल ज्ञान और तकनीकी दक्षता प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। एक सफल चिकित्सक के लिए धैर्य, करुणा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी उतनी ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा है और डॉक्टर की श्रेष्ठता केवल उसकी पेशेवर योग्यता से नहीं, बल्कि मरीजों के साथ उसके व्यवहार, संवेदनशीलता और विश्वास कायम करने की क्षमता से भी तय होती है।

राज्यपाल ने सभी नव-स्नातक चिकित्सकों को बधाई देते हुए उनसे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर अपनी चिकित्सा सेवाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्यों के माध्यम से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक जिज्ञासा और अनुसंधान आधारित सोच विकसित करने तथा समाज की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप नए समाधान तलाशने की अपील की।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर

केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को बधाई देते हुए आयुष्मान भारत, पीएम-जेएवाई, आभा और ई-संजीवनी जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने युवा डॉक्टरों से चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ करुणा, नैतिकता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान और समाज सेवा को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने का आह्वान किया।

मरीज-केंद्रित सेवाओं और शोध को और मजबूत करेगा एम्स

एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने संस्थान की उपलब्धियों और प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने नव-स्नातक विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और पेशेवर कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए करने का आह्वान किया।

376 छात्राओं और 313 छात्रों को मिली डिग्री

दीक्षांत समारोह में कुल 689 विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें 376 छात्राएं और 313 छात्र शामिल हैं। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को पुरस्कार और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। विद्यार्थियों के लिए यह अवसर उनके परिवारों, शिक्षकों और एम्स रायपुर के पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण रहा।

समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजीव हांडा तथा कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक, विद्यार्थी और उनके परिजन मौजूद रहे।

समारोह के दौरान विद्यार्थियों को ‘नशे को ना कहें’ की शपथ भी दिलाई गई।