लखनऊ एयरपोर्ट परिसर के लेबर कैंप में भीषण आग: PVC शेड्स के 15 कमरे जलकर राख, 2 मजदूर घायल; बड़ा हादसा टला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। मंगलवार (6 अक्टूबर 2026) सुबह करीब 6:30 बजे एयरपोर्ट परिसर में बने एक 3 मंजिला लेबर कैंप में अचानक भीषण आग लग गई। प्लास्टिक और PVC शेड्स से बनी इस अस्थायी इमारत में आग इतनी तेजी से फैली कि 20 फीट ऊंची लपटें और करीब 2 किलोमीटर दूर तक काला धुआं उठता देखा गया।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर करीब 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।

2 मजदूर घायल, 300 मजदूरों की बची जान

हादसे में दो मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए पास के कृष्णानगर अस्पताल में भर्ती कराया गया है:

  1. निर्मल (30 वर्ष, बिहार): आग की चपेट में आने से मामूली रूप से झुलस गए।

  2. राहुल कुमार (26 वर्ष, प्रतापगढ़): अपनी जान बचाने के लिए दूसरी मंजिल से नीचे कूद गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

होटल निर्माण में लगे मजदूरों का था आशियाना

  • 33 कमरों का कैंप: पैसेंजर टर्मिनल से करीब 250-300 मीटर दूर बन रहे एक होटल के निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के रहने के लिए PVC/प्लास्टिक से 33 कमरों की 3 मंजिला अस्थायी इमारत बनाई गई थी।

  • 300 मजदूर थे मौजूद: हादसे के वक्त करीब 300 मजदूर कैंप में थे, जिनमें से कई नाइट ड्यूटी करके सो रहे थे।

  • विमान सेवाओं पर कोई असर नहीं: एयरपोर्ट अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि लेबर कैंप टर्मिनल से दूर था, इसलिए उड़ानों की आवाजाही पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

पीड़ितों ने बताई आपबीती

नाइट ड्यूटी के बाद सो रहे मजदूर रामपाल (सीतापुर) ने बताया, “अचानक नीचे फ्लोर से शोर मचा। देखते ही देखते 15 कमरे जलकर राख हो गए। हम ऊपरी मंजिल से किसी तरह जान बचाकर भागे। कपड़े, पैसे और सारा सामान जल गया।”

जांच शुरू, शॉर्ट सर्किट की आशंका

दमकल विभाग के अधिकारियों (SFO सुमित प्रताप सिंह) के अनुसार, आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्राथमिक दृष्टि में इसे शॉर्ट सर्किट का मामला माना जा रहा है। समय रहते दमकलकर्मियों के पहुंचने से बड़ा हादसा होने से टल गया।