INDIA ब्लॉक का दिल्ली में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’: CEC के इस्तीफे और बैलेट पेपर से चुनाव की मांग, खड़गे बोले- 13 करोड़ वोट काटे गए

नई दिल्ली। देश में चुनावी निष्पक्षता और मतदाता सूची को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गठबंधन में शामिल 19 राजनीतिक दलों के सांसदों ने दिल्ली में संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक लगभग 3 किलोमीटर लंबा ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ (Save Democracy March) निकाला।
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को खतरे में डाला जा रहा है।
मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने जंतर-मंतर, विजय चौक, संसद मार्ग और चुनाव आयोग दफ्तर के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की है।
खड़गे का आरोप: SIR प्रक्रिया से 13 करोड़ पात्र मतदाताओं के नाम हटाए
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन की निम्नलिखित तीन मांगें गैर-समझौतावादी (Non-negotiable) हैं:
CEC का इस्तीफा: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
SIR प्रक्रिया तुरंत रद्द हो: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को फौरन रोका जाए, क्योंकि इसके जरिए देशभर में करीब 13 करोड़ पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
बैलेट Paper से चुनाव: देश में आगामी सभी चुनाव EVM के बजाय बैलेट पेपर (Ballot Paper) से कराए जाएं।
विपक्षी नेताओं के तीखे हमले
अखिलेश यादव (सपा प्रमुख): “चुनाव आयोग अब निष्पक्ष नहीं रहा और केवल भाजपा के लिए काम कर रहा है। आयोग का रवैया ऐसा है मानो सिर्फ बीजेपी कार्यकर्ता ही देश के नागरिक हों।”
कल्याण बनर्जी (TMC सांसद): उन्होंने CEC पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘वोट चोर’ कहा और तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई।
मनोज झा (RJD सांसद): “ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में देश में निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बचाना आज सबसे बड़ी जरूरत है।”
उदित राज (कांग्रेस नेता): “करोड़ों लोगों का मताधिकार छीनने के इस अपराध की सजा आयोग को भुगतनी होगी, CEC को पद छोड़ना ही पड़ेगा।”
चुनाव आयोग के अंदर मतभेद के दावे
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए खुलासा किया गया कि चुनाव आयोग के भीतर भी स्थिति ठीक नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर ऑन-रिकॉर्ड 14 बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। आरोप है कि कई महत्वपूर्ण आदेश दोनों आयुक्तों की जानकारी या सहमति के बिना जारी किए गए।
19 दलों की एकजुटता और संख्या बल
इस विशाल विरोध प्रदर्शन में लोकसभा के 178 सांसद और राज्यसभा के 62 सांसद (कुल 240 सांसद) शामिल हैं। प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), तृणमूल कांग्रेस (TMC), NCP (शरद पवार), शिवसेना (UBT), RJD, JMM, CPI(M), CPI, नेशनल कॉन्फ्रेंस और PDP समेत 19 प्रमुख दल एकजुट दिखे।

