रायगढ़ की तीन बेटियों ने मलेशिया में लहराया तिरंगा, भारतीय महिला लैक्रॉस टीम ने जीता कांस्य
रायपुर, 3 सितंबर। रायगढ़ की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय लैक्रॉस टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम ने सिंगापुर को शिकस्त देकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में रायगढ़ के महलोई क्षेत्र की तीन खिलाड़ियों—सोनम बंजारा, शांति प्रधान और मानसी भूमिया—का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से पदक जीतकर लौटने के बाद तीनों खिलाड़ी अपने कोच देवावतार चौधरी के साथ रायगढ़ कलेक्टोरेट पहुंचीं और कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से मुलाकात की। कलेक्टर ने खिलाड़ियों को उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि जिले की बेटियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना और पदक जीतना पूरे रायगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने खिलाड़ियों को आगे की प्रतियोगिताओं के लिए हरसंभव सहयोग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
सिंगापुर के खिलाफ शानदार प्रदर्शन
कोच देवावतार चौधरी ने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान भारतीय महिला टीम ने अनुशासन, खेल कौशल और मजबूत टीम भावना का प्रदर्शन किया। सिंगापुर के खिलाफ मुकाबले में खिलाड़ियों ने प्रभावी खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की और कांस्य पदक हासिल किया।
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी तथा जिला प्रशासन से लगातार प्रोत्साहन और सहयोग मिला है।
जिले की दूसरी बेटियों के लिए बनीं मिसाल
सोनम बंजारा, शांति प्रधान और मानसी भूमिया की यह सफलता रायगढ़ की उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। तीनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर यह संदेश दिया है कि सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर छत्तीसगढ़ की बेटियां वैश्विक खेल मंच पर भी अपनी पहचान बना सकती हैं।
खिलाड़ियों और कोच ने इस उपलब्धि के लिए ओ.पी. चौधरी और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।
