‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में रायपुर में हुआ पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी का आह्वान
रायपुर, 30 अगस्त 2026। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर संचालित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रायपुर की अशोका पाम मीडोज सोसाइटी में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने पौधरोपण कर नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान राजेश मूणत, अनुज शर्मा, राजीव अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने पौधरोपण करते हुए शहर में हरियाली बढ़ाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
मां के सम्मान से जुड़ा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। यह अभियान मातृशक्ति के सम्मान के साथ प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से अभियान को जनआंदोलन का रूप देने और अपने जीवन के विशेष अवसरों पर पौधरोपण करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में पेड़-पौधों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। हरियाली वातावरण को संतुलित रखने के साथ जल संरक्षण, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल भी जरूरी
राजेश अग्रवाल ने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों को नियमित रूप से पानी, सुरक्षा और उचित देखभाल मिले। उन्होंने नागरिकों के साथ सामाजिक संगठनों, युवाओं और विभिन्न संस्थाओं से भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि आज लगाया गया पौधा आने वाले समय में एक बड़े वृक्ष का रूप लेकर लोगों को छाया, स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण प्रदान करेगा। इसलिए पौधरोपण को केवल एक दिन के कार्यक्रम के रूप में न देखकर इसे निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी के तौर पर अपनाने की जरूरत है।
हरित पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के वन, पहाड़, नदियां, जलप्रपात और समृद्ध जैव विविधता पर्यटन की महत्वपूर्ण पूंजी हैं। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाए तो इससे पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहित करने से प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती और जैव विविधता संरक्षित रहेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी तैयार होंगे।
सामूहिक प्रयासों से बनेगा हरित छत्तीसगढ़
कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया। मंत्री राजेश अग्रवाल ने नागरिकों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करे, तो आने वाले वर्षों में इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। स्वस्थ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य के लिए आज से ही हरियाली बढ़ाने का संकल्प लेना जरूरी है।
