अमरकंटक में शिव भक्ति में लीन हुए विजय शर्मा, मां नर्मदा से प्रदेश की खुशहाली की कामना

अमरकंटक। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने अमरकंटक पहुंचकर मां नर्मदा और भगवान शिव की आराधना की। उन्होंने नर्मदा उद्गम स्थल स्थित नर्मदा कुंड में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना की।

इसके बाद विजय शर्मा ने जलेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक एवं पूजन किया। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान उन्होंने प्रदेश की उन्नति और प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए प्रार्थना की। श्रावण के अंतिम सोमवार पर अमरकंटक में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

नर्मदा उद्गम स्थल पर लिया मां का आशीर्वाद

नर्मदा कुंड और उद्गम स्थल परिसर में पूजा के दौरान विजय शर्मा ने मां नर्मदा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि श्रावण मास आस्था और साधना का पर्व है तथा इस पवित्र अवसर पर प्रदेश की खुशहाली और शांति की प्रार्थना करना उनके लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव है।

अमरकंटक में धार्मिक वातावरण के बीच उन्होंने श्रद्धालुओं और साधु-संतों से भी मुलाकात की तथा क्षेत्र की धार्मिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।

कांवड़ यात्रियों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री

अमरकंटक प्रवास के दौरान विजय शर्मा ने कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ भी समय बिताया। वे मृत्युंजय आश्रम पहुंचे, जहां कांवड़ियों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने श्रद्धालुओं को भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की।

इस दौरान उन्होंने कांवड़ यात्रियों से सहज संवाद करते हुए उनकी यात्रा के अनुभव जाने। यात्रा मार्ग, सुविधाओं और किसी तरह की कठिनाई के संबंध में भी उन्होंने श्रद्धालुओं से जानकारी ली। कांवड़ियों के साथ उनकी आत्मीय बातचीत ने धार्मिक यात्रा के माहौल को और अधिक सहज बना दिया।

150 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम

भोरमदेव-अमरकंटक कांवड़ यात्रा लगभग 150 किलोमीटर लंबी है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए यात्रा मार्ग पर विभिन्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

यात्रा के दौरान किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए मार्ग में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल और पेट्रोलिंग दल भी तैनात किए गए हैं।

यात्रा मार्ग पर भोजन, विश्राम, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि श्रद्धालु बिना परेशानी अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।

मृत्युंजय आश्रम बना कांवड़ियों के लिए विश्राम स्थल

अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम में कांवड़ यात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन और रात्रि विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यहां श्रद्धालुओं को दाल-चावल, सब्जी के साथ खीर, पूरी और हलवा सहित भोजन कराया जा रहा है।

लंबी दूरी की पैदल यात्रा करने वाले कांवड़ियों के लिए भोजन और आराम की यह व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है। आश्रम में श्रद्धालुओं को कुछ समय विश्राम करने और अगले चरण की यात्रा के लिए तैयार होने की सुविधा मिल रही है।

विजय शर्मा ने कहा कि कांवड़ियों की सुविधा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। भोरमदेव से अमरकंटक तक चलने वाली इस आस्था की यात्रा में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर अमरकंटक में पूजा-अर्चना, कांवड़ियों के साथ संवाद और सेवा गतिविधियों के माध्यम से आस्था, सेवा और जनकल्याण का संदेश सामने आया। प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना के साथ धार्मिक यात्रा और श्रद्धालुओं की सेवा का यह क्रम पूरे सावन की आध्यात्मिक भावना को प्रतिबिंबित करता रहा।