संसद का मानसून सत्र: छात्र प्रदर्शन और कांवड़ यात्रा अव्यवस्थाओं पर भारी हंगामा, जवाब देने को तैयार हुए गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन और कांवड़ यात्रा के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं के मुद्दे पर संसद परिसर से लेकर दोनों सदनों तक जमकर हंगामा देखने को मिला। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई और कांवड़ यात्रा प्रबंधन को लेकर सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस हुई।

संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी की, वहीं सत्तापक्ष के सांसदों ने भी पलटवार करते हुए विपक्ष पर सदन का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया।

सड़क से संसद तक छाया छात्र आंदोलन और कांवड़ यात्रा का मुद्दा

दिल्ली में पिछले दिनों विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे छात्रों के प्रदर्शन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई का मामला संसद में गर्माया हुआ है। विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली में अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बेवजह सख्ती बरती गई। इसके साथ ही, कांवड़ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी सदन में चिंता व्यक्त की गई।

विपक्षी नेताओं ने मांग रखी कि देश के गृह मंत्री अमित शाह खुद सदन में उपस्थित होकर इन दोनों संवेदनशील विषयों पर स्थिति स्पष्ट करें।

विपक्ष के आरोपों पर सरकार की प्रतिक्रिया

सत्तापक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार हर विषय पर खुली और विस्तृत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे लगातार नारेबाजी और व्यवधान पैदा करके संसद की कार्यवाही को बाधित न करें, ताकि नए एवं अन्य सांसदों को जनहित के मुद्दे उठाने का अवसर मिल सके।

गृह मंत्री अमित शाह ने दी सहमति

लगातार बढ़ते गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सवालों का सामना करने और सदन के पटल पर पूरे मामले में आधिकारिक वक्तव्य देने पर अपनी सहमति व्यक्त की है। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सरकार नियम के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ जवाब देगी।

गृह मंत्री द्वारा जवाब दिए जाने की बात पर सहमति बनने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि संसद में पिछले कुछ दिनों से जारी गतिरोध खत्म होगा और आगामी दिनों में महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर चर्चा हो सकेगी।