नई दिल्ली : UPI पर फिर लग सकती है MDR फीस, भुगतान कानून में बदलाव का प्रस्ताव, अभी अंतिम फैसला नहीं

नई दिल्ली, 4 अगस्त 2026।
देश के डिजिटल भुगतान सिस्टम UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) को लेकर एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। केंद्र सरकार ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिससे भविष्य में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) दोबारा लागू करने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

वर्तमान में UPI लेनदेन पर MDR लागू नहीं है। वर्ष 2020 में सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से UPI और RuPay डेबिट कार्ड आधारित लेनदेन पर MDR समाप्त कर दिया था। नए प्रस्ताव के तहत उस कानूनी प्रावधान में बदलाव की बात की गई है, जो फिलहाल इस शुल्क को लगाने से रोकता है।

रिपोर्टों के अनुसार, यदि भविष्य में MDR लागू किया जाता है तो इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अधिक टिकाऊ बनाना और बैंकों व भुगतान सेवा प्रदाताओं को भुगतान अवसंरचना, साइबर सुरक्षा और तकनीकी निवेश के लिए राजस्व उपलब्ध कराना होगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शुल्क किन लेनदेन या किन व्यापारियों पर लागू होगा।

सरकार की ओर से अब तक MDR की वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल UPI उपयोगकर्ताओं और व्यापारियों के लिए मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अंतिम निर्णय सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधनों पर विचार के बाद ही लिया जाएगा।