नर्सिंग कॉलेजों में महिला आरक्षण पर बिलासपुर हाईकोर्ट सख्त: स्वास्थ्य विभाग और CGPSC सचिव को थमाया नोटिस

100% महिला आरक्षण के मामले में हाईकोर्ट का कड़ा रुख; 3 साल पुराने आदेश के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल

बिलासपुर/रायपुर (UPI24 News)। बिलासपुर उच्च न्यायालय (Bilaspur High Court) ने प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में 100% महिला आरक्षण लागू करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के सचिव और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

अदालत ने सवाल उठाया है कि उच्च न्यायालय द्वारा जारी 3 वर्ष पुराने आदेश के क्रियान्वयन के संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं और इसे लागू करने में इतनी देरी क्यों हुई।

क्या है पूरा मामला?

छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश और नियुक्तियों में महिलाओं के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई थी। पूर्व में बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था पर महत्वपूर्ण आदेश दिया था।

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि 100% आरक्षण की व्यवस्था से योग्य पुरुष अभ्यर्थी अवसरों से वंचित हो रहे हैं। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पाया कि 3 साल बीत जाने के बाद भी हाईकोर्ट के पिछले आदेश का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया है।

3 साल पुराने आदेश पर जवाब तलब

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 3 साल पुराने आदेश के क्रियान्वयन में हुई देरी पर नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य विभाग और सीजीपीएससी को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विभागीय स्तर पर इस तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।

मामले की अगली सुनवाई के दौरान दोनों विभागों को अपने जवाब कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे।