PM आवास के बाहर प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई: धरने पर बैठे राहुल, प्रियंका और अखिलेश हिरासत में; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को उस समय सियासी पारा चढ़ गया, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से निकले प्रमुख विपक्षी नेता अचानक प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने पहुँचे। NEET परीक्षा में धांधली के मुद्दों और छात्रों के समर्थन में PM आवास के बाहर सड़क पर धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई दिग्गज नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

‘सीक्रेट प्लानिंग’ के तहत खड़गे के घर से निकला मार्च

मल्लिकार्जुन खड़गे के जन्मदिन के मौके पर कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेता उनके दिल्ली स्थित आवास पर एकत्रित हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों को लगा कि नेता केवल बधाई देने के लिए आए हैं, लेकिन बैठक के तुरंत बाद सभी नेता अचानक पैदल ही 1 किलोमीटर दूर स्थित PM आवास की ओर बढ़ गए। जब तक सुरक्षा बल सक्रिय होते, नेता पीएम आवास के करीब पहुँचकर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

सरकार से दो दौर की वार्ता बेनतीजा, फिर पुलिस की कार्रवाई

धरना शुरू होने के बाद सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव धरनास्थल पर पहुँचे और राहुल गांधी से करीब 20 मिनट तक बातचीत की।

  • माँगें: सरकार के अनुसार, पहले संसद में NEET पर चर्चा की माँग रखी गई थी जिसे स्वीकार कर लिया गया। हालाँकि, विपक्षी नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में तुरंत चर्चा दोनों की शर्त रखी।

  • पुलिस की कार्रवाई: बातचीत बेनतीजा रहने के बाद भारी संख्या में पहुँचे पुलिसबल और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। शाम करीब 6:30 बजे पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत 100 से अधिक नेताओं को हिरासत में लेकर बसों में बैठा दिया।

“छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता”: राहुल गांधी

हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर कहा कि छात्रों पर हमला देश के हर परिवार पर हमला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बिना जवाब दिए बच नहीं सकते और देश के युवाओं को न्याय दिलाने के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि लोक कल्याण मार्ग स्थित PM आवास अति-सुरक्षित क्षेत्र होने के कारण धारा 163 (BNSS) के तहत ‘नो-प्रोटेस्ट जोन’ घोषित है, जहाँ अनुमति के बिना प्रदर्शन की सख्त पाबंदी है।