छत्तीसगढ़ में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा और गोंचा पर्व की धूम: रायपुर में हुई ‘छेरापहरा’ की रस्म, बस्तर में स्थानीय अवकाश घोषित

रायपुर: आज पूरे छत्तीसगढ़ में आस्था और उत्साह के साथ भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जा रही है। राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर के अंचलों तक महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथों की अगवानी के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है।
रायपुर में सोने की झाड़ू से हुई ‘छेरापहरा’ की रस्म
राजधानी रायपुर में रथयात्रा के पावन अवसर पर सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। यहाँ भगवान के रथ के मार्ग को साफ करने के लिए सोने की झाड़ू से ‘छेरापहरा’ की रस्म पूरे विधि-विधान से अदा की गई। इस पावन रस्म के पूर्ण होते ही जय जगन्नाथ के उद्घोष के साथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा की शुरुआत हुई।
राजनांदगांव में 87 वर्षों की ऐतिहासिक परंपरा
राजनांदगांव जिले में भी रथयात्रा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। यहाँ पिछले 87 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार, शहर के प्रसिद्ध गांधी चौक से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ कमाने पहुंचे।
बस्तर में विश्वप्रसिद्ध ‘गोंचा पर्व’ की धूम, आज स्थानीय अवकाश
छत्तीसगढ़ के बस्तर (जगदलपुर) में रथयात्रा को ऐतिहासिक ‘गोंचा पर्व’ के रूप में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। बस्तर के इस अनूठे और प्रसिद्ध सांस्कृतिक पर्व के उपलक्ष्य में प्रशासन द्वारा बड़ा फैसला लिया गया है। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने आज 16 जुलाई 2026 को पूरे बस्तर जिले में स्थानीय अवकाश (Local Holiday) घोषित किया है, जिससे आम जनता और शासकीय कर्मचारी भी इस भव्य लोक उत्सव का आनंद ले सकें।

