अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा: आरोपी के खाते में मिले ₹7.32 लाख, नए CEO पद के लिए उमड़े आवेदक

अयोध्या, 15 जुलाई 2026:

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने इस मामले के दो मुख्य आरोपियों को रिमांड पर ले लिया है, जिनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। इस जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है, जिसमें एक आरोपी के बैंक खाते में ₹7.32 लाख जमा होने का खुलासा हुआ है।

दूसरी तरफ, मंदिर प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए ट्रस्ट द्वारा निकाले गए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए देश भर से रिकॉर्ड आवेदन आ रहे हैं।

रिमांड पर आरोपी, बैंक खातों से हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस प्रशासन ने राम मंदिर के चढ़ावे में सेंध लगाने वाले दो मुख्य आरोपियों को न्यायालय से रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती वित्तीय जांच में पुलिस को हैरान करने वाले इनपुट मिले हैं। आरोपियों के बैंक खातों की खंगालने पर एक मुख्य आरोपी के खाते में ₹7.32 लाख की संदिग्ध राशि जमा पाई गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह पैसा सीधे तौर पर मंदिर के दानपात्रों से चुराया गया था या फिर इसमें किसी और गिरोह का भी हाथ है।

नए CEO पद के लिए 24 घंटे में आए 1000 से ज्यादा आवेदन

इस विवाद और सुरक्षा में चूक के बाद राम मंदिर ट्रस्ट अब प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी और मजबूत बनाने की तैयारी में जुट गया है। इसी कड़ी में मंदिर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन मंगाए गए थे।

हैरान करने वाली बात यह है कि इस प्रतिष्ठित पद के लिए विज्ञापन जारी होने के महज 24 घंटे के भीतर 1000 से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन कर दिया है। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, आवेदन करने वालों में कई सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी (IAS/IPS), वित्तीय विशेषज्ञ और बड़े संस्थानों के अनुभवी प्रबंधक शामिल हैं।

सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान

चढ़ावा चोरी की इस घटना के बाद राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा और दान की गिनती की प्रक्रिया को लेकर नए नियम बनाने की तैयारी चल रही है। ट्रस्ट के अधिकारियों का कहना है कि नए सीईओ की नियुक्ति के बाद मंदिर के प्रशासनिक कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे के डिजिटलीकरण को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।