भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच ऐतिहासिक यूरेनियम डील: पीएम मोदी बोले- “वनडे जैसा फोकस, T20 जैसी रफ्तार और टेस्ट जैसी मजबूत साझेदारी”
मेलबर्न/नई दिल्ली, 9 जुलाई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों का एक नया स्वर्णिम अध्याय शुरू हो गया है। मेलबर्न में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कई ऐतिहासिक और दूरगामी समझौतों की घोषणा की।
इस द्विपक्षीय बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण दोनों देशों के बीच परमाणु सहयोग को लेकर हुआ ऐतिहासिक समझौता रहा।
1. ऑस्ट्रेलिया से भारत को मिलेगी यूरेनियम की सप्लाई, साफ हुआ रास्ता
साल 2015 के भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु सहयोग समझौते को अमलीजामा पहनाते हुए अब ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की निर्बाध सप्लाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। पीएम मोदी ने स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा:
“भारत ने साल 2047 तक 100 गीगावॉट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता और 2030 तक 500 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी हासिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस यात्रा में ऑस्ट्रेलिया का विशाल यूरेनियम भंडार हमारे लिए मील का पत्थर साबित होगा।”
2. “रिश्ते क्रिकेट जैसे, फैसले टी-20 की तरह तेज”
दोनों देशों के बीच बढ़ते मजबूत और जीवंत आर्थिक व राजनीतिक रिश्तों की तुलना प्रधानमंत्री मोदी ने क्रिकेट के खेल से की। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा:
“भारत और ऑस्ट्रेलिया के एजेंडे में वनडे जैसा फोकस है, फैसले टी-20 की तरह तेजी से होते हैं और हमारी साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबी और बेहद मजबूत है।”
3. क्रिटिकल मिनरल्स से लेकर गगनयान मिशन तक: 4 बड़े रणनीतिक समझौते
दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर (Delegation Level) की वार्ता में कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर मुहर लगी है:
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क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर: वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के समृद्ध खनिज संसाधनों (Lithium, Cobalt आदि) को सीधे ओडिशा और गुजरात की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता से जोड़ा जाएगा।
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रक्षा और समुद्री सुरक्षा: दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में शांति के लिए नियमित सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की संयुक्त घोषणा की।
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अंतरिक्ष सहयोग (गगनयान मिशन): ऑस्ट्रेलिया के कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर एक अत्याधुनिक स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जो भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ को ट्रैक करने में मदद करेगा।
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त्रिपक्षीय टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप: नई तकनीकों और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के बीच एक विशेष त्रिपक्षीय समझौता हुआ है।
4. CEO फोरम में आर्थिक रोडमैप: ऑस्ट्रेलियाई पेंशन फंड्स को न्यौता
पीएम मोदी ने मेलबर्न में आयोजित ‘CEO फोरम’ और ‘इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन’ को संबोधित करते हुए ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
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$4 ट्रिलियन के पेंशन फंड्स को आमंत्रण: ऑस्ट्रेलिया के विशाल पेंशन फंड्स को आकर्षित करते हुए पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत में जनता की बचत और पेंशन को एक ‘पवित्र अमानत’ माना जाता है। भारत उनके फंड्स को पूरी सुरक्षा के साथ स्थिर और टिकाऊ (Sustainable) ग्रोथ देगा।
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तकनीकी और राज्यों के बीच तालमेल: भारत सरकार द्वारा एआई मिशन, क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के लिए दिए गए 10 बिलियन डॉलर के बूस्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने निवेश की अपील की। इसके तहत क्वींसलैंड और तस्मानिया की क्लीन एनर्जी क्षमता का लाभ पंजाब, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश को मिलेगा, जबकि साउथ ऑस्ट्रेलिया की डिफेंस कैपेबिलिटी यूपी और केरल के साथ काम करेगी।
5. मेलबर्न में भारतीय प्रवासियों ने किया भव्य स्वागत
मेलबर्न पहुंचने पर भारतीय समुदाय (Indian Diaspora) ने प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक और पारंपरिक स्वागत किया। स्वागत समारोह के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध डिडगेरिडू (Didgeridoo) वादक रॉन मरे और तबला वादक डॉ. सैम इवांस की जुगलबंदी ने समां बांध दिया। भारतीय संस्कृति की झलक बिखेरते हुए शानदार कथक नृत्य भी पेश किया गया, जिसकी खूबसूरत तस्वीरें पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा की हैं।
