रायपुर: वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर, जून 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित केनाल लिंकिंग रोड पर वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस गरिमामय अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और सर्वाेच्च बलिदान भारतीय इतिहास की एक अमूल्य धरोहर है। उनका पूरा जीवन राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और अपनी मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण है।

गौरवशाली इतिहास को याद रखना समाज के लिए आवश्यक

मुख्यमंत्री श्री साय ने जोर देकर कहा कि रानी दुर्गावती का शौर्य और त्याग आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का एक प्रकाश स्तंभ है। उनकी गौरवगाथा हमें हर विपरीत परिस्थिति में भी साहस, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा:

“जो समाज अपने गौरवशाली इतिहास और विरासत को भूल जाता है, उसका भविष्य संकटग्रस्त हो जाता है। इसके विपरीत, जो समाज अपने महापुरुषों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल और सुरक्षित होता है।” > — श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री

अंतिम क्षण तक मुगल सेना से लोहा लिया

रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों और उनके संघर्षों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने कभी घुटने नहीं टेके और अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अपने जीवन के अंतिम क्षण तक संघर्ष करते हुए उन्होंने मातृभूमि और अपने स्वाभिमान की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी तथा वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका यह ऐतिहासिक बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और स्वाभिमान के एक अप्रतिम अध्याय के रूप में हमेशा अमर रहेगा।

‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र पर बढ़ रहा देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि आज पूरा देश ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। विकास की कोई भी यात्रा तभी सार्थक साबित होती है, जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और देश की महान विभूतियों के योगदान को समान रूप से सहेजें और संरक्षित करें। रानी दुर्गावती ने जिस राष्ट्रचेतना और संघर्ष की भावना का संचार किया था, वह आज भी हमारे समाज को सही दिशा प्रदान कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का अविरल स्रोत है। उनके इन्हीं महान आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के संकल्प को और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाना होगा।

कार्यक्रम में कई दिग्गज नेता रहे उपस्थित

इस खास अवसर पर राज्य के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • श्री रामविचार नेताम (कृषि मंत्री)

  • श्री केदार कश्यप (वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री)

  • श्री पुरंदर मिश्रा (विधायक)

  • श्री भूलन सिंह मरावी (विधायक)

  • डॉ. नंदकुमार साय

  • श्रीमती मीनल चौबे (महापौर, रायपुर नगर निगम)

  • श्री विकास मरकाम (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड)

  • श्री रूप सिंह मंडावी (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग)

इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और गणमान्य व्यक्ति भी वीरांगना रानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे।