रायपुर: छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव, अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर, जून 2026: छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास, जनकल्याण और विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना का पुरजोर आग्रह किया। इस मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उनके साथ मौजूद थे।
दिल्ली और गोवा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में खुलेगा संस्थान
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराया कि नई दिल्ली और पणजी (गोवा) में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान आज देश में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र बन चुके हैं। इन संस्थानों ने आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के बेहतरीन समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा दी है, साथ ही देश को बड़ी संख्या में दक्ष आयुर्वेद चिकित्सक और शोधकर्ता दिए हैं।
औषधीय संपदा से समृद्ध है छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की भौगोलिक और प्राकृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय संपदा से बेहद समृद्ध है। प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा वनों से घिरा हुआ है, जहाँ अनेक दुर्लभ औषधीय वनस्पतियाँ और जड़ी-बूटियाँ प्राकृतिक रूप से प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके अलावा, राज्य के जनजातीय अंचलों में पारंपरिक औषधीय ज्ञान की एक समृद्ध विरासत भी मौजूद है। ऐसे में यहाँ अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से आयुर्वेद चिकित्सा और अनुसंधान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकेगा।
“AIIA की स्थापना से न केवल प्रदेशवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में अध्ययन और अनुसंधान के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे।” > — श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)
मध्य भारत के राज्यों को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस संस्थान का लाभ केवल छत्तीसगढ़ तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य भारत के व्यापक क्षेत्र को इसका फायदा मिलेगा। पड़ोसी राज्यों के नागरिकों को भी इसके माध्यम से बेहतर आयुर्वेदिक उपचार और आधुनिक शोध सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
श्री साय ने केंद्रीय बजट 2026 में देश के भीतर तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की घोषणा का हवाला देते हुए विशेष आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को आवंटित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार, अनुसंधान और ज्ञान आधारित विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।
बस्तर के विकास कार्यों पर भी हुई चर्चा
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) विस्तार और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में विकास और जनकल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
