अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सीएम योगी सख्त: खुद पहुंचे अयोध्या, कहा- SIT 15 दिनों में करेगी दूध का दूध और पानी का पानी; दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में हेराफेरी के आरोपों को लेकर मचे सियासी और प्रशासनिक घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त रुख में नजर आ रहे हैं। इस गंभीर विवाद को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अचानक खुद अयोध्या पहुंचे। उन्होंने वहाँ रामलला के दर्शन-पूजन किए और इस पूरे मामले पर कड़ा संदेश दिया।
SIT करेगी जांच, 15 दिनों में आएगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि आस्था के इस बड़े केंद्र में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा:
“राम मंदिर में दान और चढ़ावे की राशि में हेराफेरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। यह एसईओ टीम आगामी 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपेगी और दूध का दूध व पानी का पानी कर देगी। इस महाघोटाले या लापरवाही में जो भी चेहरा शामिल होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
भ्रष्टाचार और आस्था से खिलवाड़ पर जीरो टॉलरेंस
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर ट्रस्ट और दान काउंटर पर चढ़ावे की रसीदों व नकद राशि के मिलान में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही थीं। विपक्ष भी इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा था। मुख्यमंत्री के इस त्वरित और सख्त कदम ने यह साफ कर दिया है कि सरकार सनातन आस्था और पारदर्शिता से जुड़े इस विषय पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम कर रही है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी होने तक मंदिर की दान प्रणालियों को और अधिक डिजिटल व पारदर्शी बनाया जाए।
