बिहार में भ्रष्टाचार पर महाशॉक: वरिष्ठ IAS योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के ठिकानों पर ED और विजिलेंस की बड़ी रेड, टेंडर घोटाले से जुड़े तार

पटना, 19 जून 2026। बिहार प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। राज्य में हुए बहुचर्चित टेंडर घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य सतर्कता विभाग (Vigilance Department) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों ने बिहार के दो वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों—योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

ED और विजिलेंस की संयुक्त दबिश, खंगाले जा रहे दस्तावेज

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भ्रष्टाचार और सरकारी टेंडर आवंटन में हुए भारी घपले को लेकर जांच एजेंसियां लंबे समय से इन अधिकारियों के इनपुट्स जुटा रही थीं। पुख्ता सबूत मिलने के बाद आज तड़के ही ईडी और बिहार विजिलेंस की टीमों ने आईएएस योगेश सागर और आईएएस अभिलाषा शर्मा के सरकारी आवासों समेत उनसे जुड़े कई अन्य निजी ठिकानों पर एक साथ दस्तक दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

करोड़ों के टेंडर घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका

विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह पूरा मामला सरकारी योजनाओं के टेंडर आवंटन में चहेती कंपनियों को फायदा पहुंचाने और उसके बदले मोटी रकम के लेन-देन से जुड़ा हुआ है।

जांच का दायरा: छापेमारी के दौरान टीमों द्वारा जमीनों के दस्तावेज, बैंक खाते, लॉकर की चाबियां और कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य (लैपटॉप और मोबाइल) जब्त किए गए हैं। ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करने) के एंगल से भी गहराई से जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस रसूखदार गठजोड़ के पीछे कई बड़े ठेकेदार और अन्य अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।