खनन माफियाओं की वर्चस्व की जंग में बढ़ी हिंसा, तीन वर्षों में 5 मौतें

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खनन माफियाओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार हिंसक होती जा रही है। पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में हत्या, गोलीबारी, पत्रकारों और सरकारी अधिकारियों पर हमले जैसी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में अब तक 5 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

ताजा मामला कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र का है, जहां रेत कारोबार को लेकर चल रहे विवाद में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह सहित तीन लोगों की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने वाहन को घेरकर उसमें आग लगा दी, जिससे तीनों की मौत हो गई।

इसके अलावा राजनांदगांव में अवैध खनन का विरोध करने पर ग्रामीणों पर फायरिंग की गई, जांजगीर-चांपा में कांग्रेस नेता के पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई, गरियाबंद में अवैध रेत खनन की कवरेज करने गए पत्रकारों पर हमला हुआ, कवर्धा में वन विभाग की टीम पर रेत माफियाओं ने हमला किया तथा बिलासपुर में रेत घाट को लेकर दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में गोली चलने की घटना सामने आई।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने प्रदेश में अवैध खनन और उससे जुड़े अपराधों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से खनन माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।