अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एस. जयशंकर का बड़ा एक्शन: अमेरिकी विदेश मंत्री को फोन कर दर्ज कराया कड़ा विरोध
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच भारत ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री को फोन कर कमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों को लेकर गहरा असंतोष और कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
हाल ही में समुद्र में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में 3 भारतीय क्रू मेंबर्स की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत सरकार ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद गंभीरता से उठाया है।
“व्यापारिक जहाजों पर हमले बर्दाश्त नहीं” — एस. जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बातचीत के दौरान साफ और कड़े शब्दों में कहा कि वैश्विक व्यापार मार्ग (Global Trade Routes) पर चल रहे कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे हमलों से न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि निर्दोष नाविकों और क्रू मेंबर्स की जान को भी भारी खतरा पैदा हो गया है।
विदेश मंत्री का सख्त संदेश: अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे हिंसक हमलों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इस पर तुरंत लगाम लगनी चाहिए।
3 भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत से बढ़ा तनाव
पश्चिम एशिया के इस समुद्री इलाके में पिछले कुछ समय से तनाव चरम पर है। हाल ही में हुए एक हमले की चपेट में आने से जहाज पर सवार 3 भारतीय नागरिकों (क्रू मेंबर्स) की जान चली गई थी। इस घटना के बाद से ही भारत सरकार एक्शन मोड में है और भारतीय नौसेना भी क्षेत्र में अपनी चौकसी बढ़ा चुकी है।
वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर बड़ा असर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस संघर्ष का सीधा असर समुद्री व्यापार पर पड़ रहा है। कई देशों के व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद इस रूट से गुजरने वाले जहाजों का बीमा और लॉजिस्टिक्स खर्च काफी बढ़ गया है।
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने नागरिकों और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मामले में वैश्विक शक्तियों को मिलकर सख्त कदम उठाने होंगे।
