PoK में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ फूटा गुस्सा; हिंसक आंदोलन में अब तक 46 की मौत, 1100 गिरफ्तार
मुजफ्फराबाद: पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में पिछले कुछ समय से सुलग रही असंतोष की आग अब पूरी तरह से भड़क चुकी है। शरणार्थी सीटों (Refugee Seats) को खत्म करने के फैसले और बुनियादी मांगों को लेकर स्थानीय जनता द्वारा किया जा रहा आंदोलन अब बेहद हिंसक रूप ले चुका है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़पों में अब तक 46 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि पूरे इलाके में तनाव चरम पर है।
पाकिस्तानी सेना के खिलाफ मोर्चा, 1100 लोग गिरफ्तार
PoK के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय नागरिक पाकिस्तानी सेना और वहां के प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षाबलों ने कड़ा रुख अपनाया है। बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई के तहत अब तक करीब 1100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में या गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना बल प्रयोग कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
क्यों हो रहा है भारी विरोध?
आंदोलनकारियों की मुख्य नाराजगी चुनाव और सरकारी व्यवस्थाओं में शरणार्थी सीटों को खत्म किए जाने को लेकर है। इसके साथ ही क्षेत्र में बढ़ती महंगाई, आटे-बिजली की किल्लत और मानवाधिकारों के हनन को लेकर भी लोग लंबे समय से आक्रोशित थे। सीटों में कटौती के इस नए फैसले ने जलती आग में घी का काम किया, जिसके बाद जनता ने सीधे पाकिस्तानी सेना के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।
पूरे PoK में तनाव का माहौल
हिंसक झड़पों के बाद से पूरे पाक अधिकृत कश्मीर में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं और इंटरनेट सेवाओं पर भी पाबंदी लगाई गई है। मानवाधिकार संगठनों ने भी PoK में बिगड़ते हालात और हो रही मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द ही इस गतिरोध को नहीं सुलझाया गया, तो स्थिति पाकिस्तान सरकार के नियंत्रण से पूरी तरह बाहर हो सकती है।
