जेल से छूटकर भी इंदौर नहीं लौट पाएगी सोनम रघुवंशी, कोर्ट की अनुमति के बिना शिलॉन्ग छोड़ने पर रोक

इंदौर/शिलॉन्ग। चर्चित मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत तो मिल गई है, लेकिन राहत अधूरी ही साबित हुई है। अदालत ने सख्त शर्तों के साथ जमानत मंजूर करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह बिना कोर्ट की अनुमति के शिलॉन्ग नहीं छोड़ सकती। ऐसे में जेल से बाहर आने के बावजूद सोनम का अपने गृह शहर इंदौर लौटना फिलहाल संभव नहीं होगा।

जमानत मिली, लेकिन सख्त शर्तों के साथ

सूत्रों के मुताबिक अदालत ने जमानत देते समय यह शर्त रखी है कि सोनम जांच पूरी होने तक स्थानीय क्षेत्र में ही रहेगी। उसे अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और नियमित रूप से पुलिस या जांच एजेंसी के सामने पेश होना पड़ेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह किसी भी तरह से साक्ष्यों या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेगी।

क्यों नहीं छोड़ सकती शिलॉन्ग?

मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण कड़ियां जुड़ी हुई हैं। इसी को देखते हुए अदालत ने सोनम की आवाजाही पर रोक लगाई है। कोर्ट का मानना है कि यदि आरोपी शहर छोड़ देती है, तो जांच प्रभावित हो सकती है। इसलिए उसे फिलहाल मेघालय में ही रहना होगा।

इंदौर लौटने के लिए क्या करना होगा?

अगर सोनम को मध्य प्रदेश स्थित इंदौर वापस जाना है, तो उसे संबंधित अदालत से विशेष अनुमति लेनी होगी। इसके लिए उसे यह साबित करना होगा कि उसका बाहर जाना जांच में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं डालेगा। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद ही वह राज्य से बाहर जा सकेगी।

केस बना चर्चा का विषय

यह मामला शुरू से ही सुर्खियों में बना हुआ है। सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी और फिर जमानत के बाद अब उस पर लगी पाबंदियां लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं। कानूनी जानकारों के मुताबिक इस तरह की शर्तें आमतौर पर तब लगाई जाती हैं, जब जांच संवेदनशील हो और आरोपी के फरार होने या सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका हो।

आगे क्या?

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सोनम कब और कैसे कोर्ट से अनुमति लेकर अपने घर लौट पाती है। फिलहाल उसे शिलॉन्ग में रहकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।