बिरनपुर हिंसा केस: 17 आरोपी दोषमुक्त, कोर्ट ने साक्ष्य अपर्याप्त बताए

रायपुर।

छत्तीसगढ़ के बिरनपुर में चर्चित रहीम–ईदुल हत्या मामले में अदालत ने 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका।

क्या था मामला?

बिरनपुर में हुई हिंसा और दो युवकों—रहीम और ईदुल—की हत्या के बाद मामला संवेदनशील बन गया था। घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और विस्तृत जांच की गई। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी 17 आरोपियों को बरी कर दिया।

कोर्ट का फैसला

अदालत ने कहा कि प्रस्तुत गवाहियों और भौतिक साक्ष्यों में स्पष्टता और संगति की कमी रही। न्यायालय के अनुसार, संदेह के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता, और अभियोजन आरोप प्रमाणित करने में विफल रहा।

आरोपियों की मांग और चेतावनी

दोषमुक्त हुए आरोपियों ने जेल में बिताए समय और सामाजिक बदनामी की भरपाई की मांग की है। उन्होंने सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई है।

कुछ आरोपियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

आगे की स्थिति

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार चाहे तो फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील कर सकती है। फिलहाल, इस फैसले के बाद इलाके में प्रशासन सतर्क है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

यह फैसला एक बार फिर आपराधिक मामलों में ठोस साक्ष्य और निष्पक्ष जांच की अहमियत को रेखांकित करता है।