शहरी गरीबों को आर्थिक सहायता दिलाने वाले NULM कर्मियों की सुरक्षा निधि अटकी, प्लेसमेंट एजेंसी “कॉल मी” पर बेवजह भुगतान रोकने का आरोप

रायपुर।

दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) के अंतर्गत कार्यरत मैनेजरों एवं सामुदायिक संगठकों (Community Organizers) की सुरक्षा निधि (Security Deposit) का भुगतान अब तक नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। इस मिशन के लिए नियुक्त प्लेसमेंट एजेंसी “कॉल मी द्वारा लगभग 14 माह से भी अधिक समय से रोक कर रखी गई 352 कर्मचारियों के पहले वेतन की यह राशि 75 लाख रुपए से अधिक की बताई जा रही है।   संबंधित प्लेसमेंट एजेंसी पर कर्मचारियों की जमा राशि लौटाने में लापरवाही बरतने व जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया गया है।

 

जानकारी के अनुसार, NULM के अंतर्गत कार्यरत सभी मैनेजरों एवं सामुदायिक संगठकों से नियुक्ति के दौरान सुरक्षा निधि के रूप में राशि जमा कराई गई थी। शहरी जीविका मिशन के बंद हो जाने से इस एजेंसी ने अप्रैल 2025 में 78 सिटी मिशन मैनेजर और 274 सामुदायिक संगठक, कंप्युटर ऑपरेटर और भृत्य की सेवाएं समापन का पत्र जारी कर सभी को कार्य से मुक्त कर दिया गया किंतु नियुक्ति के दौरान सुरक्षा निधि के नाम पर जमा कराई गई राशि का भुगतान 14 माह बीत जाने के बाद भी नहीं किया जा रहा हैं। कर्मचारियों ने इस संबंध में मूल नियोक्ता नगरीय प्रशासन विभाग और प्लेसमेंट एजेंसी “कॉल मी से निरंतर पत्र व्यवहार किया जा रहा है किंतु अब तक भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश है एवं वे उच्च स्तर पर शिकायत के लिए लामबंद हो रहे हैं।

वहीं, इस संबंध में प्लेसमेंट एजेंसी “कॉल मी के प्रमुख राज बोथरा का कहना है कि मिशन बंद होने से अधिकांश कर्मचारियों की सेवा समाप्त की गई है किंतु नगरीय प्रशासन विकास विभाग व राज्य शहरी विकास अभिकरण की मांग पर कुछ कर्मचारी अभी भी कार्यरत है। इसके परीक्षण की वजह से भुगतान में विलंब हुआ है। जिन कर्मचारियों की सेवा समाप्ति हुई है उनके सुरक्षा निधि इस सप्ताह वापस कर दी जाएगी।

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