मध्य भारत में पहली बार हुआ सबसे बड़ा छाती रोग एवं टीबी सम्मेलन: देशभर से जुटे विशेषज्ञ

रायपुर,12 जुलाई: छत्तीसगढ़ चेस्ट सोसाइटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय छाती रोग एवं टीबी पर आधारित सम्मेलन का भव्य आयोजन 12 एवं 13 जुलाई को सुयश हॉस्पिटल और होटल मैरियट्स, रायपुर में किया गया। यह मध्य भारत का अब तक का सबसे एडवांस्ड और व्यापक सम्मेलन माना जा रहा है।

इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के करीब 70 छाती रोग विशेषज्ञों के साथ-साथ देशभर से आए 12 ख्यातिनाम विशेषज्ञों ने सहभागिता की। सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. विवेकन पिल्लई, सचिव डॉ. गिरीश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष डॉ. अविनाश चतुर्वेदी एवं संयुक्त सचिव डॉ. रोशन राठौर ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दमा, अस्थमा, टीबी, वेंटिलेटर तकनीक और फेफड़ों की सोनोग्राफी जैसी आधुनिक विषयों पर विस्तृत चर्चा कर नई चिकित्सा विधियों और प्रोटोकॉल से चिकित्सकों को अवगत कराना था।

सम्मेलन में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने ज्ञान साझा किया, जिनमें शामिल हैं:

डॉ. ऋचा गुप्ता – विभागाध्यक्ष, CMC वेल्लोर

डॉ. मानसी गुप्ता – एडिशनल प्रोफेसर, SGPGI लखनऊ

डॉ. प्रतिभा सिंघल – मुंबई हॉस्पिटल

डॉ. विजय चेन्नमचेट्टी – अपोलो हॉस्पिटल, हैदराबाद

डॉ. विश्वेश्वरन बालासुब्रमण्यम – यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद

डॉ. प्रणव और डॉ. नितेश गुप्ता – सफदरजंग हॉस्पिटल, नई दिल्ली

डॉ. स्वर्णजीत भुल्लर – भटिंडा, पंजाब

डॉ. गिरीश अग्रवाल ने बताया कि यह सम्मेलन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे छाती और श्वास संबंधित रोगों के उपचार में आधुनिक तकनीकों की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।